राजस्थान के लिये आम बजट 2013-14 उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है। राज्य को विशेष दर्जा देने और पेट्रोलियम रिफाइनरी की स्थापना की मांग पूरी नहीं हुई। सालों पहले किया गया वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी का वादा भी पूरा नहीं हुआ।
गौरतलब है कि इस साल राज्य में चुनावों को देखते हुय आम बजट में राज्य सरकार को प्रदेश के लिये रिफाइनरी की मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद थी। पर माना यह भी जा रहा है कि यूपीए सरकार ने आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुये ही रिफाइनरी की घोषणा नहीं की। राजनीतिक फायदे के लिये रिफाइनरी की घोषणा अब चुनावों से पहले की जा सकती है।
मालूम हो कि राजस्थान में 9 मिलियन टन की तेल रिफाइनरी लगाने की तैयारी है। वर्तमान में राज्य में उत्पादन भी सालाना 9 मिलियन टन हो रहा है। वहीं डायरेक्टर जनरल हाइड्रो कार्बन का आकलन है कि प्रदेश में 2020 के बाद कच्चे तेल के उत्पादन में गिरावट आ सकती है। इसी के मद्देनजर प्रदेश में करीब 40 हजार करोड़ रूपए से लगाई जा रही रिफाइनरी के लिए कच्चा तेल आयात करना पड़ सकता है।
हालांकि कुछ घोषणायें राज्य हित में भी हुई हैं। देश भर में फ्लोराइड प्रभावित गांवों में जल शोधन संयंत्रों के लिये 1400 करोड़ की घोषणा की गई। राजस्थान समेत 5 राज्यों में कुल 3 हजार किलोमीटर सड़कों का काम छह माह में शुरू होगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के दूसरे चरण में भी राजस्थान शामिल है। वहीं, मार्बल पर उत्पाद शुल्क 30 से बढ़ाकर 60 रूपए प्रति वर्गमीटर कर दिया गया है।