फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बसपा विधायकों का कांग्रेस में विलयः राजस्थान उच्च न्यायालय कल करेगा सुनवाई

Thu, 13 Aug 2020 07:08 PM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

  • बसपा विधायकों का कांग्रेस में विलय मामले में कल होगी सुनवाई
  • गुरुवार को समय के अभाव के चलते पूरी नहीं हो पाई सुनवाई
  • ये छह विधायक बसपा के टिकट पर 2018 के विधानसभा चुनाव में जीतकर आए थे
  • 2019 में सभी छह विधायक बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे
विज्ञापन
बसपा विधायक राजेंद्र गुढ़ा - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान उच्च न्यायालय कांग्रेस में बसपा के छह विधायकों के विलय को चुनौती देने वाली भाजपा विधायक मदन दिलावर और बसपा की याचिकाओं पर अगली सुनवाई शुक्रवार को करेगा। दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति महेंद्र कुमार गोयल ने इस मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को मुकर्रर की क्योंकि गुरुवार को अर्ध कार्यदिवस था।

विज्ञापन


राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि बसपा को पहले अध्यक्ष के पास जाना चाहिए तथा यदि वह कोई आदेश नहीं जारी करते हैं तब उसे अध्यक्ष को निर्देश देने की मांग करते हुए अपने आवेदन पर निर्णय के लिए अदालत का रुख करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बसपा की रिट याचिका ने उपलब्ध उपचार की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि यदि बसपा और भाजपा को उपयुक्त आदेश के लिए विधानसभा अध्यक्ष के पास जाने का निर्देश दिया जाता है तो उन्हें कोई परेशानी नहीं है।
विज्ञापन


इन छह विधायकों में से एक के वकील राजीव धवन ने भी अपनी दलीलें शुरू कीं, लेकिन समय के अभाव के चलते पूरी नहीं हो पाई। मामले पर अब शुक्रवार को सुनवाई होगी। याचिकाकर्ताओं ने छह विधायकों-- संदीप यादव, वाजिब अली, दीपचंद खेरिया, लाखन मीणा, जोगेंद्र अवाना और राजेंद्र गुढ़ा के कांग्रेस में विलय को चुनौती दी है और इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष के आदेश के तामील पर रोक लगाने का अनुरोध किया है। 

ये विधायक बसपा के टिकट पर 2018 के विधानसभा चुनाव में जीतकर आए थे। वे सितंबर, 2019 में बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने 16 सितंबर, 2019 को विलय के लिए आवेदन दिया था और अध्यक्ष ने 18 सितंबर 2019 को आदेश जारी किया था।

दिलावर ने इस विलय को चुनौती देते हुए इस साल मार्च में विधानसभा अध्यक्ष के सामने आवेदन दिया था, जिसे 24 जुलाई को खारिज कर दिया गया। इस पर भाजपा नेता ने अध्यक्ष के आदेश को अदालत में चुनौती दी। बसपा ने इस विलय के खिलाफ अदालत में अलग से याचिका दायर की है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें