राजस्थान के बारां में जिला प्रमुख चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा झालावाड़-बारां के सांसद दुष्यंत सिंह के कार्यालय पर फूटा। परिणाम में पार्टी की हार होने से आक्रोशित भाजपा कार्यकर्ताओं ने ही सांसद के कार्यालय पर पथराव कर दिया और अंदर भी जम कर तोड़-फोड़ की। दुष्यंत सिंह प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेटे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस वहां पहुंची। जानकारी के अनुसार कार्यकर्ताओं के हंगामे को रोकने के लिए पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं को चोटें आने की भी सूचना है। मामले में युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष रोहित नागर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। वहीं, मोर्चा कार्यकर्ताओं ने इसमें अपना हाथ होने से साफ इनकार किया है।
बहुमत के बाद भी नहीं मिली भाजपा को कुर्सी
दरअसल, बारां जिला परिषद के 25 वार्डों पर हुए चुनाव में भाजपा के 13 और कांग्रेस के 12 उम्मीदवार जीते थे। अध्यक्ष पद के लिए भाजपा की ओर से प्रियंका शर्मा और कांग्रेस की ओर से उर्मिला जैन भाया प्रत्याशी थीं। क्रॉस वोटिंग में प्रियंका शर्मा एक वोट से हार गईं। इसी के बाद पार्टी के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और उन्होंने अपना गुस्सा सांसद कार्यालय पर निकाला।
हंगामा कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं ने सांसद कार्यालय के बाहर खड़ी गाड़ियों के शीशे भी तोड़ दिए। पुलिस ने हालात नियंत्रित करने के लिए लाठी चार्ज किया और प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ा। दोबारा ऐसी स्थिति न बने इसके लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। कार्यकर्ताओं ने इसे लेकर बड़े नेताओं पर कांग्रेस के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है।