राजस्थान में भाजपा के लोकसभा चुनाव के प्रत्याशियों का चयन गुजरात व मध्य प्रदेश में आजमाए गए सफल फॉर्मूले के आधार पर किया जाएगा।
भाजपा का मानना है कि इन दोनों प्रदेश में लगातार तीन विधानसभा चुनाव में भाजपा इसी फॉर्मूले के आधार पर जीती है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व प्रदेश प्रभारी कप्तान सिंह सोलंकी ने आजमाए फॉर्मूले के आधार पर प्रदेश में भी प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
भाजपा सूत्रों के अनुसार आम कार्यकर्ताओं की भागीदारी के आधार वाले फॉर्मूले से गुजरात व मध्य प्रदेश में पिछले तीन विधानसभा चुनावों के लिए प्रत्याशियों का चयन किया गया था। यह फार्मूला सफल भी रहा।
स्थानीय कार्यकर्ताओं की राय महत्वपूर्ण
इस फॉर्मूले के तहत प्रत्याशी थोपने के बजाय आम कार्यकर्ताओं की ओर से सुझाए गए नामों में से ही लोकप्रिय और पैठ वाले कार्यकर्ता को ही प्रत्याशी बनाया जाएगा।
प्रत्येक जिले से संगठन के 120 से 130 पदाधिकारी और जनप्रतिनिधियों को जयपुर बुलाकर उनकी सहभागिता के आधार पर प्रत्याशी का चयन होगा। इस प्रक्रिया में स्थानीय कार्यकर्ताओं की राय सबसे महत्वपूर्ण रहेगी।
प्रदेश नेतृत्व पहली बार लोकसभा चुनाव के प्रत्याशी के चयन के लिए भाजपा के जिलाध्यक्ष, महामंत्री, उपाध्यक्ष, मंत्री, मंडल अध्यक्ष और मंडल महामंत्री स्तर के पदाधिकारियों से जमीनी हकीकत जानेगा।
ऐसे किया जाएगा प्रत्याशियों का चयन
प्रत्येक जिले के पदाधिकारी और जन प्रतिनिधियों को बंद कमरे में बिठाया जाएगा। उनको एक गोपनीय कोड वाली पर्ची थमाई जाएगी, जिसमें सवाल होगा। आपकी राय में लोकसभा क्षेत्र के ऐसे तीन लोगों के नाम जिनको प्रत्याशी बनाया जा सके।
प्रत्येक कार्यकर्ता को तीन नाम लिखकर देने होंगे। शर्त यह रहेगी कि वो खुद का नाम लिखकर नहीं दे सकेगा।
कोड का मिलान करने पर प्रदेश नेतृत्व को यह पता चल सकेगा कि किस कार्यकर्ता ने किस नेता को प्रत्याशी बनाने की वकालत की है। जिस नेता के पक्ष में सबसे ज्यादा पर्चियों में नाम आएगा उसके आधार पर प्रदेश नेतृत्व पैनल तैयार करेगा।