राजस्थान में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं को भाजपा सरकार अब उस एक योजना के जरिए चलाएगी, जिसे पिछली कांग्रेस सरकार ने आते ही बंद कर दिया था।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने विधानसभा में बृहस्पतिवार को अंतरिम बजट पेश करते हुए अपने पिछले कार्यकाल में शुरू की भामाशाह योजना को वापस शुरू करने का फैसला किया।
अब भामाशाह योजना में व्यक्तिगत लाभ की सभी योजना को शामिल किया जाएगा।
उन्होंने भाषण में अरोप लगाया कि पिछली सरकार ने अंतिम वर्ष में चुनाव को देखते हुए आनन-फानन में योजनाएं शुरू करने व उनके संचालन के लिए त्रुटिपूर्ण आंकड़े पेश कर सदन व जनता को गुमराह किया।
बजट पेश करते हुए वसुंधरा सरकार ने पानी, बिजली और सड़कों को प्राथमिकता दी है। सरकार ने 20 हजार गांवों में शुद्ध पेयजल देने और पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान को रोड नेटवर्क से जोडऩे की बात कही है।
साथ ही राजे ने कहा कि प्रदेश का राजस्व 731 करोड़ रूपए सरप्लस करेंगे, जो एफआरबीएम एक्ट की सीमा के भीतर 2.8 प्रतिशत रहेगा। पिछली सरकार में यह 3.5 प्रतिशत था।
उन्होंने कहा कि फिलहाल लोकसभा चुनाव के कारण केंद्र की ओर से भी लेखानुदान लिया गया है। इसलिए सरकार ने आगामी वर्ष के करों के भाग का आंकलन अपने स्तर पर किया है।
इसी प्रकार सरकार को केंद्रीय कृत योजना में अगले वर्ष से मिलने वाली राशि की भी जानकारी नहीं मिली है। इन दोनों मदों का अपने स्तर पर आंकलन करते हुए सरकार ने अपना लेखानुदान रखा है।
लेखानुदान में वार्षिक योजना का आकार 46989 करोड़ रुपए रखा है। सामुदायिक विकास के लिए 3.22 करोड़, बिजली के लिए 5.99 करोड़ व सिंचाई योजनाओं के लिए 52.55 करोड़ मंजूर किए गए हैं।
केन्द्र ने कटौती की
राजे ने पत्रकारों से कहा कि गरीबों की बात करनेवाली केन्द्र सरकार ने जनता से जुड़ी योजनाओं की राशि में 32000 करोड़ रुपए की बड़ी कटौतियां कर दी हैं।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मिशन में 2483 करोड़, मिड डे मील में 1935 करोड़ रुपए, सिंचाई योजनाओं में 50 प्रतिशत तक, गांवों में सड़क पहुंचाने की योजना में 35 प्रतिशत, जेएनएनयूआरएम 30 प्रतिशत कटौतियां की गई हैं।
ये रहीं मुख्य घोषणाएं:
- 1000 करोड़ रुपए का ग्राम पंचायतों के विकास के लिए प्रावधान।
- सौर ऊर्जा क्षमता में 25 हजार मेगावाट की बढ़ोतरी।
- बाड़मेर रिफाइनरी के लिए 402 करोड़ रुपए।
- जयपुर मेट्रो के लिए 486 करोड़ रुपए।
- ईस्ट वेस्ट कॉरीडोर के विस्तार के लिए 25 हजार किमी सड़क बनाने की तैयारी।
- 20 हजार पिछड़े गांवों में पेयजल की व्यवस्था के लिए कार्य।
- गरीब व अशक्त परिवारों को सभी योजनाओं का लाभ भामाशाह योजना के माध्यम से।