ज्ञान देव आहूजा के बायन पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा दोनों ने ही सक्त रुख दर्शाया है। कांग्रेस के दोनों नेताओं ने ही आहूजा के बयान की निंदा की है। पीसीसी अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि भाजपा के पास नफरत की सोच है, जिसका उदाहरण ज्ञान देव आहूजा है।
वहीं, मुख्यमंत्री गहलोत ने भी भाजपा नेता पर सक्त रुख रखते हुए कहा कि ज्ञान देव आहूजा ने इस बयान से खुद ही अपनी मुशिकल बड़ा ली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून में किसी को भी रियायत नहीं मिल सकती है। आहूजा का बयान तो यह दर्शाता है कि वह इस केस में सह आरोपी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान देव के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है। अब जांच होगी तो लोअर कोर्ट से हाई कोर्ट तक आहूजा को जवाब देना होगा कि वह क्या कहना चाहते थे, लेकिन जिस तरह से उनका बयान आया है उसे देखते हुए लगता है कि ज्ञान देव आहूजा ने ही मर्डर के लिए लोगों को उकसाया है। जिसके चलते उन्हें आरोपी बनाया जाना जा सकता है।
जानें क्या है मामला?
दरअसल, अलवर के गोविंदगढ़ में ज्ञानदेव आहूजा ने मॉब लिंचिंग में मारे गए चिरंजीलाल के घर पर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि यह पहली बार हुआ है कि उन लोगों ने एक मारा है। हमनें अब तक तो पांच हमने हैं। मैंने हमारे लोगों और कार्यकर्ताओं को छूट दे रखी है। मारो, बरी भी करवा देंगे, जमानत भी करवा देंगे। बता दें कि अलवर पुलिस ने धार्मिक भावनाएं भड़काने और अनर्गल टिप्पणी करने के आरोप में ज्ञानेदव आहूजा पर केस दर्ज किया है।