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Bikaner: खेजड़ी बचाओ आंदोलन का दिखा असर, स्कूल- मार्केट सब बंद, विधायक रविंद्र भाटी बोले- बड़े आंदोलन की जरूरत

Mon, 02 Feb 2026 07:27 PM IST
श्री गंगानगर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर

सार

Bikaner: सोमवार सुबह से चल रहे खेजड़ी बचाओ आंदोलन में शामिल होने के लिए शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी भी महापड़ाव में पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों को अपना समर्थन दिया।  
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शिव विधायक रविंद्र भाटी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खेजड़ी के पेड़ों की कटाई के विरोध में चल रहे खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत सोमवार को बीकानेर बंद का व्यापक असर देखा गया। शहर के व्यापारिक संगठनों ने आंदोलन का समर्थन करते हुए अपने प्रतिष्ठान दोपहर 2 बजे तक बंद रखे। वहीं, शहरी क्षेत्र के सरकारी और निजी स्कूलों में आधे दिन की छुट्टी घोषित की गई। इस आंदोलन को अपना समर्थन देने के लिए शिव विधायक रविंद  सिंह भाटी भी महापड़ाव में पहुंचे। यहां उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए सरकार को चुनौती दी। 

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'विधानसभा का करना होगा घेराव'
महापड़ाव में लोगों को संबोधित करते हुए शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि मैंने यह मुद्दा विधानसभा में उठाया था। लेकिन जिम्मेदारों ने बात नहीं मानी। अब युवाओं को आगे आकर एकजुट होना पड़ेगा। सरकार को झुकाने के लिए बड़े आंदोलन करने की जरूरत है। यदि बीकानेर से विधानसभा घेराव करना है तो मैं सबसे आगे रहूंगा।

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एक लाख लोगों के खाने का रहा इंतजाम
महापड़ाव में आए लोगों के लिए खाने की भी व्यवस्था की गई थी। यहां बड़े कड़ाहों में देशी घी का हलवा और छोले-भटूरे बनाए गए थे। आयोजकों ने बताया कि करीब एक लाख लोगों के खाने की व्यवस्था की गई है। अगर सरकार ने हमारी बात नहीं मानी तो आंदोलन तेज होगा। 

मौके पर पहुंची कलेक्टर
दिन भर चले महापड़ाव के बाद से ही शाम को पॉलिटेक्निक कॉलेज पर प्रदर्शनकारी बैठे हुए हैं। यहां संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनिया, पोकरण विधायक प्रतापपुरी भी लोगों के समर्थन में पहुंचे हैं। वहीं, सरकार की तरफ से प्रशासन की ओर से वार्ता करने कलेक्टर नम्रता वृष्णि महापड़ाव स्थल पर पहुंची हैं। महापड़ाव में भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर है। आईजी हेमंत कुमार शर्मा और एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने भी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।

प्रशासन रहा सतर्कता
आंदोलन को लेकर प्रशासन भी सतर्क रहा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने पूरे शहर में पुख्ता इंतजाम किए। दोपहर बाद कलेक्ट्रेट के सामने बड़ी संख्या में पुलिस के सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे। इसके बाद शाम को बिश्नोई धर्मशाला के पास आमसभा के आयोजन के दौरान भी प्रशासन मुस्तैद दिखा। इस आमसभा में बड़ी संख्या में लोग शामिल होने बीकानेर पहुंच रहे हैं।

आंदोलनकारियों की मांग
आंदोलनकारियों का आरोप है कि बीकानेर सहित पश्चिमी राजस्थान में सोलर कंपनियां नए प्रोजेक्ट लगाने के नाम पर बड़े पैमाने पर खेजड़ी के पेड़ काट रही हैं। कई बीघा भूमि पर सोलर प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए जमीन को पूरी तरह साफ किया जाता है। आंदोलनकारियों का यह भी कहना है कि कंपनियां रात के अंधेरे में पेड़ों को काटकर जमीन में दबा देती हैं, ताकि कोई विरोध न कर सके।

धरना और समर्थन
खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत कलेक्ट्रेट और करणीसर भाटियान में पर्यावरण प्रेमी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। इससे पहले बिश्नोई समाज की मुकाम में हुई बैठक में बीकानेर बंद का संकेत दिया गया था। बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल ने भी आंदोलन के समर्थन में बंद का एलान किया। मंडल अध्यक्ष जुगल राठी और सचिव संजय सांड ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के समर्थन में सभी बाजार दोपहर 2 बजे तक बंद रहेंगे। इसके बाद बाजार सामान्य रूप से संचालित होंगे। आंदोलनकारियों ने खेजड़ी के संरक्षण के लिए सोलर प्रोजेक्ट्स में पर्यावरणीय नियमों का सख्त पालन और पेड़ों की अवैध कटाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
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सोलर प्रोजेक्ट्स के नाम पर कटाई के आरोप
आंदोलनकारियों का आरोप है कि पश्चिमी राजस्थान, विशेषकर बीकानेर और आसपास के इलाकों में सोलर प्रोजेक्ट्स के नाम पर बड़े पैमाने पर खेजड़ी के पेड़ों की कटाई की जा रही है। कई स्थानों पर रात के अंधेरे में पेड़ काटकर उन्हें जमीन में दबा दिए जाने की भी शिकायतें सामने आई हैं, ताकि सबूत न मिल सके। पिछले एक महीने से कलेक्ट्रेट परिसर और करणीसर भाटियान में ‘खेजड़ी बचाओ आंदोलन’ के तहत अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है, जिसमें कई महिलाओं की तबीयत बिगड़ने की जानकारी भी सामने आई है।
 

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