महाजन रेंज में गरजा ऑपरेशन सिंदूर का हीरो स्काईस्ट्राइकर
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भारत के अचूक मारक हथियार स्काईस्ट्राइकर ने एक बार फिर ताकत का लोहा मनवाया है। ऑपरेशन सिंदूर के हीरो रहे इस लोइटरिंग म्यूनिशन ने राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में जारी भारत-अमेरिका साझा सैन्य अभ्यास युद्ध अभ्यास-2026 के दौरान लक्ष्य का पता लगाकर उसे नेस्तनाबूद कर दिया। सेना के मुताबिक मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस में स्वदेशी रक्षा तकनीक और ड्रोन की भूमिका अब सबसे अहम हो गई है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस हथियार ने पहले ही ऑपरेशनल डेब्यू में दुश्मन के ठिकानों पर भारी तबाही मचाई थी। महाजन रेंज में इसके सफल प्रदर्शन ने इसकी मारक क्षमता पर एक बार फिर मुहर लगाई है। स्काईस्ट्राइकर को बंगलूरू की अल्फा डिजाइन टेक्नोलॉजीज ने इजराइल की एल्बिट सिस्टम्स के साथ मिलकर बनाया है।
रडार के लिए पकड़ना है मुश्किल
दुश्मन के रडार इसे आसानी से नहीं पकड़ पाते। इसकी मारक क्षमता लगभग 100 किलोमीटर है और यह अपने साथ 5 से 10 किलो तक का वॉरहेड ले जा सकता है। यह विस्फोटक मजबूत बंकरों या ठिकानों को तबाह करने के लिए काफी है। इस सुसाइड ड्रोन को केवल एक जवान आसानी से संचालित कर सकता है।
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वायुसेना का युद्धाभ्यास तरंग शक्ति शुरू
पाकिस्तान सीमा के करीब पश्चिमी राजस्थान में शनिवार से वायुसेना के बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास तरंग शक्ति-2026 का आगाज हो गया। इसके लिए वायुसेना ने पश्चिमी मोर्चे पर अपने पांच प्रमुख एयर बेस सक्रिय कर दिए हैं। इस दो हफ्ते के अभ्यास में भारत सहित आठ देशों की वायुसेनाएं अपने अत्याधुनिक विमानों के साथ सीधे भाग ले रही हैं।
- स्काईस्ट्राइकर को दागने के लिए लॉन्चर में लगाते जवान
- लॉन्चर से तेजी से निकला स्ट्राइकर लक्ष्य की ओर चला
- बिना किसी गलती के एकदम सटीक निशाना लगाया