बीकानेर जिला कोर्ट ने आवारा सांडों के हमले में किसान आशाराम सुथार की मौत के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने राजस्थान सरकार और ग्राम पंचायत केसरदेसर जाटान को दोषी मानते हुए मृतक के परिजनों को 33.25 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने फैसले में स्पष्ट किया कि जिम्मेदार प्रशासन और पंचायत का कर्तव्य था कि वे आवारा पशुओं को गौशालाओं में भेजने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाते। ऐसा न करने के कारण आशाराम को अपनी जान गंवानी पड़ी।
परिवार को मिलेगा 33.25 लाख का मुआवजा
कोर्ट के आदेशानुसार, मृतक के वारिसों को 32.52 लाख रुपये क्षतिपूर्ति, पत्नी को 40 हजार रुपये सहजीवन क्षति, अंतिम संस्कार के 15 हजार रुपये और लॉस ऑफ एस्टेट के 15 हजार रुपये सहित कुल 33.25 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा।
छह आश्रितों का सहारा थे आशाराम
आशाराम की सालाना आय 2.89 लाख रुपये थी और उनके परिवार में पत्नी, तीन बच्चे और माता-पिता सहित छह आश्रित थे। कोर्ट ने उनके खर्च और परिवार की आर्थिक निर्भरता को ध्यान में रखते हुए यह मुआवजा तय किया।