केंद्रीय संस्कृति व पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत निजी दौरे पर बीकानेर में रहे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। सोने के चम्मच लेकर पैदा हुए लोगों को देश की राष्ट्रपति की कुर्सी पर कोई आदिवासी महिला बैठ जाए तो भी उन्हें राष्ट्रपति नहीं, बल्कि सिर्फ एक गरीब आदिवासी ही दिखाई देती है। यह राष्ट्रपति पद की गरिमा का अपमान है। उनके बयान से देश के दस करोड़ आदिवासियों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्हें राष्ट्रपति पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। सोनिया गांधी और कांग्रेस को इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।
केंद्रीय बजट पर कांग्रेस के बयानों पर पलटवार करते हुए शेखावत ने कहा कि बजट पूरे देश के विकास पर केंद्रित है, न कि किसी एक राज्य पर। उन्होंने बिहार के बजट को लेकर हो रही बयानबाजी पर कहा कि केवल बिहार ही मखाने का उत्पादक नहीं है और कांग्रेस बिहार में हार के डर से इस तरह के बयान दे रही है।
दिल्ली चुनाव पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल की चमक अब फीकी पड़ गई है और उनकी विदाई का समय आ गया है। दिल्ली की जनता उनके चाल, चरित्र और चेहरे को पहचान चुकी है।
महाकुंभ में विपक्ष द्वारा अव्यवस्थाओं के आरोपों पर उन्होंने कहा कि जब न्यायिक जांच और एसआईटी गठित हो चुकी है, तो बेवजह आरोप लगाना सही नहीं है।
इसके अलावा, जल जीवन मिशन को 2028 तक बढ़ाने पर उन्होंने प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया और कांग्रेस नेता शशि थरूर पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्हें हिंदुत्व की सही जानकारी नहीं है, वे इस पर बयानबाजी न करें।