बीकानेर: एनएसयूआई का उग्र प्रदर्शन, छात्र संघ चुनाव की बहाली को लेकर हाईवे जाम, पुलिस से उलझे
बीकानेर में छात्र राजनीति एक बार फिर उबाल पर है। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर डूंगर महाविद्यालय के मुख्य द्वार के सामने जोरदार प्रदर्शन किया, जो कुछ ही देर में उग्र रूप ले बैठा। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-11 (एनएच-11) को जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया और सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
प्रतीकात्मक शव यात्रा और मुंडन से प्रदर्शन ने पकड़ा जोर
प्रदर्शन को प्रतीकात्मक रूप देने के लिए छात्रों ने एक शव यात्रा निकाली, जिसमें उन्होंने छात्रसंघ चुनाव की मृत लोकतंत्र के रूप में व्याख्या की। एक छात्र ने विरोधस्वरूप मुंडन करवा कर नाराजगी जताई, जिससे माहौल और ज्यादा गरमा गया। इस दौरान नारों और गीतों के जरिए छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया।
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पुलिस से झड़प, छात्रों की गिरफ्तारी से बढ़ा तनाव
प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। हालात तब और बिगड़ गए जब प्रदर्शनकारी छात्र गिरधारी कूकणा और राजेश गोदारा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद छात्र और अधिक आक्रोशित हो गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी तेज कर दी। पुलिस ने बल प्रयोग कर छात्रों को हाईवे से हटाया, जिसके बाद जाम धीरे-धीरे खुल पाया।
‘जल्द चुनाव नहीं हुए तो करेंगे भूख हड़ताल’
प्रदर्शन में मौजूद एनएसयूआई के छात्र नेताओं ने साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द छात्रसंघ चुनाव की घोषणा नहीं की गई, तो वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक आंदोलन नहीं, छात्र अधिकारों की लड़ाई है, जिसे वे किसी भी हाल में रुकने नहीं देंगे।
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‘जब लोकसभा-विधानसभा चुनाव हो सकते हैं तो छात्रसंघ के क्यों नहीं’
प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि लोकतंत्र का सार सिर्फ राष्ट्रीय और प्रांतीय चुनावों तक सीमित नहीं रह सकता। कॉलेज और विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव भी उतने ही जरूरी हैं, ताकि छात्रों की आवाज संस्थागत रूप से सुनी जा सके। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक दबाव के चलते जानबूझकर चुनावों को टाल रहा है, जो छात्र लोकतंत्र का सीधा उल्लंघन है। एनएसयूआई ने साफ किया कि यह आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा। यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया तो विरोध प्रदेशभर में फैलाया जाएगा। संगठन ने यह भी कहा कि वे प्रशासन की चुप्पी को अब और बर्दाश्त नहीं करेंगे।