मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालातों के बीच दुबई में फंसे बीकानेर के छह युवक आखिर सुरक्षित अपने घर लौट आए। अपनी धरती पर लौटने के बाद जब युवकों ने वहां के हालात और अपने अनुभव साझा किए तो पूरा मंजर रोंगटे खड़े कर देने वाला था।
युवाओं ने बताया कि कई रातें उन्होंने ऐसे माहौल में गुजारीं, जब आसमान में मिसाइलें गुजरती दिखाई देती थीं और दूर-दूर तक धमाकों की आवाजें सुनाई देती थीं। हालात इतने भयावह थे कि रात में नींद आना मुश्किल हो गया था। कभी आंखों के सामने मिसाइलें गिरती दिखती थीं तो कभी सिर के ऊपर से गुजरती हुई नजर आती थीं। लगातार धमाकों की आवाजों ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया था।
इन युवाओं में शामिल रवि पुगलिया दुबई अपने गुरुजी से मिलने और घूमने गया था। वहीं अंशुल वहां सीए के रूप में नौकरी कर रहा था, जबकि अन्य युवक अलग-अलग कंपनियों में कार्यरत थे। एक युवक राजा दुबई में ट्रेवल कंपनी संचालित करता था लेकिन जैसे-जैसे हालात बिगड़ते गए, सभी ने अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भारत लौटने का फैसला किया।
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जानकारी के अनुसार क्षेत्र में बढ़ते तनाव और बैलेस्टिक मिसाइलों के खतरे को देखते हुए दुबई एयर बेस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। प्रशासन की ओर से लोगों को अगले आदेश तक जहां हैं वहीं रहने के निर्देश भी दिए गए थे।
हालात बिगड़ते देख युवाओं ने दुबई से निकलकर पहले ओमान का रास्ता अपनाया और फिर मस्कट पहुंचे। वहां काफी मशक्कत और लंबा इंतजार करने के बाद उन्हें भारत आने वाली फ्लाइट मिल सकी। कई घंटे की जद्दोजहद के बाद सभी युवक सुरक्षित बीकानेर पहुंच गए और परिवार से मिलकर राहत की सांस ली।
दरअसल ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र में महसूस किया जा रहा है। हालांकि अब सभी युवक सुरक्षित घर लौट आए हैं लेकिन मिसाइलों के साये में बिताए उनके वे डरावने पल शायद ही कभी भूल पाएंगे। परिवारों के लिए यह राहत की बात है कि उनके बच्चे सकुशल वापस लौट आए हैं।
दुबई से लौटे बीकानेर के युवाओं ने सुनाई खौफनाक कहानी