बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने गई एक महिला के साथ थाने में तैनात तीन पुलिसकर्मियों द्वारा दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद जब महिला ने इस संबंध में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करानी चाही तो थाना स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद महिला ने पुलिस अधीक्षक के पास मामले की शिकायत दर्ज की।
पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने मामले पर तुरंत संज्ञान लेते हुए बंद लिफाफे में थाने में परिवाद भेजकर मुकदमा दर्ज कराया। साथ ही गुरुवार देर रात वे स्वयं भी बीकानेर से छतरगढ़ के लिए रवाना हो गईं। महिला ने रिपोर्ट में बताया कि चार साल पहले उसका बेटा गुम हो गया था। उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने महिला छतरगढ़ थाने गई थी। तब वहां मौजूद सिपाहियों ने महिला की रिपोर्ट दर्ज नहीं की और उसे वहां से टरका दिया।
इसके बाद वह पुलिस के उच्चाधिकारियों से मिली, तो पिछले साल उसकी शिकायत दर्ज की गई। रिपोर्ट दर्ज होने बाद वह फिर थाने के चक्कर लगाती रही। इस दौरान थाने के रीडर विनोद बिश्नोई, सिपाही दिलीपदास व करम सिंह ने उसे नशीला पेय पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। जब महिला को होश आया, तो आरोपी पुलिसकर्मियों ने बताया कि उन्होंने उसके अश्लील फोटो और वीडियो बना लिए हैं। इसके बाद वे उसे धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगे और घर आकर भी बार-बार दुष्कर्म करते रहे। बार-बार हो रही इस प्रताड़ना से तंग आकर महिला ने जिला पुलिस अधीक्षक से मिलकर अपनी आपबीती बताई। जिला पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बंद लिफाफा थाने भेजकर FIR दर्ज करने और मामले की जांच के आदेश दिए हैं।