अस्पताल के अधीक्षक ने अस्पताल की इस हालत पर जिम्मेदारी से बचते हुए यहां जमा पानी का ठीकरा पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के सिर डालते हुए कहा कि अस्पताल प्रशासन ने मानसून को लेकर पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं लेकिन पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। अधीक्षक ने बताया कि सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर अस्पताल में वाटर लॉगिंग की समीक्षा कर समाधान करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि मरीजों को परेशानी ना हो।
दूसरी तरफ मानसून के दौरान अस्पताल में मरीजों को हो रही परेशानी को लेकर अब राजनीति भी शुरू हो गई है। कांग्रेस के देहात अध्यक्ष बिशनाराम सिहाग ने भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि हमारी सरकार ने पीबीएम अस्पताल में विकास के कार्य करवाए थे, सरकार बदलते ही पिछले सरकार के कार्यकाल की समीक्षा के नाम पर अस्पताल में चल रहे विकास कार्यों को रोक दिया गया। कुछ कामों के टेंडर रोक दिए, जिसके चलते पीबीएम अस्पताल में अव्यवस्थाएं व्याप्त हैं। इसी के कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
बहरहाल अस्पताल प्रशासन अस्पताल में जमा पानी को निकालने की जद्दोजहद में जुटा हुआ है, दूसरी ओर मौसम विभाग ने भी आगामी दिनों में जिले में भारी बरसात का अलर्ट जारी कर दिया है, ऐसे में अस्पताल प्रशासन वाटर लॉगिंग की समस्या का समाधान करने में जुटा हुआ है।