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Bikaner News: राइजिंग राजस्थान समिट छलका दर्द, उद्योगपति की बात पर असहज नजर आए अधिकारी, जानें क्या कहा

Wed, 13 Nov 2024 07:27 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर

सार

बीकानेर में आयोजित राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट में 131 निवेशकों ने 32 हजार करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान बीकाजी ग्रुप के प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल ने शहर की गंदगी, खराब सड़कों और यातायात की बदहाली को लेकर चिंता जाहिर की।
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राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शहर में आयोजित जिलास्तरीय राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट में वैसे तो 131 निवेशकों के 32 हजार करोड़ के एमओयू पर दस्तखत हुए। इस दौरान इन्वेस्टमेंट समिट का माहौल उस वक्त गरमा गया, जब बीकानेर के एक बड़े औद्योगिक घराने के एक स्थानीय व्यापारी का दर्द भरे बयान ने सभी का ध्यान खींच लिया। व्यापारी ने समिट में बोलते हुए उन्होंने शहर की समस्याओं का ऐसा चित्र खींचा कि वहां बैठे अधिकारी भी असहज महसूस नजर आए।

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दरअसल लक्ष्मी निवास पैलेस में जिला स्तरीय राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट चल रही थी। इस दौरान बीकाजी ग्रुप के प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि पूरे देश में पालिथीन बैन हैं, मगर बीकानेर में जहां देखो पालिथीन की भरमार दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि हम निवेश के लिए बाहरी व्यापारियों को यहां बुलाते हैं। बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जब वे शहर में कदम रखते हैं तो उन्हें गंदगी, खराब सड़कें और बदहाल यातायात जैसी समस्याएं ही मिलती हैं। ऐसे में शहर को देखकर खुद पर शर्म महसूस होती है। 

उन्होंने कहा कि इससे ज्यादा मैं कुछ और बोलूंगा तो यहां बैठे कुछ लोग नाराज़ भी हो जाएंगे। उनकी इस बेबाक राय ने समिट के अन्य व्यापारियों और निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया। हालांकि समिट के दौरान 131 निवेशकों ने 32 हजार करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए। 
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मूलभूत सुविधाएं बेहतर करना जरूरी
इस समिट में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। समिट के दौरान कई व्यापारियों का कहना था कि शहर के बुनियादी ढांचे को लेकर प्रशासन को गंभीरता से सोचना चाहिए। वरना इन्वेस्टमेंट समिट केवल एक दिखावा बनकर रह जाएगी। इस दौरान व्यापारियों ने साफ-सफाई, ट्रैफिक और सड़कों के हालत में सुधार की मांग की। उनका कहना था कि जब तक शहर की मूलभूत सुविधाएं बेहतर नहीं होंगी, निवेशकों को यहां लाना मुश्किल हो जाएगा।

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