बुजुर्ग दंपत्ति की हत्या का खुलासा
शहर के मुक्ताप्रसाद नगर में हुए बुजुर्ग दंपति की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। करीब छह दिन पहले आर्मी से रिटायर्ड सूबेदार गोपाल वर्मा (67) और उनकी पत्नी निर्मला वर्मा (60) की हत्या की गई थी। इस मामले में पुलिस ने पूर्व किराएदार अरुण ओझा, उसकी प्रेमिका प्रिया और एक अन्य युवक रोहित को गिरफ्तार किया है। तीनों ने लूट की नीयत से इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस को कुछ अन्य आरोपियों की भी तलाश है, जो गाजियाबाद (उत्तरप्रदेश) से जुड़े बताए जा रहे हैं।
ऐसे हुआ हत्या का खुलासा
बीकानेर एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने प्रेसवार्ता में जानकारी दी कि मृतक दंपति के मकान में पहले अरुण ओझा और उसकी पत्नी प्रियंका किराए पर रहते थे। मकान खाली करने के बाद भी उनका संपर्क बना रहा। इस दौरान अरुण के ससुर कर्मवीर और साले प्रियांशु भी बुजुर्ग दंपति के संपर्क में रहे। 13 जुलाई की रात जब बुजुर्ग दंपति घर में अकेले थे, तभी आरोपी घर में घुसे और चुन्नी से गला घोंटकर दोनों की निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद घर से जेवरात और नकदी लूटकर फरार हो गए। वारदात के बाद आरोपी घर के मुख्य गेट पर ताला लगाकर बाहर से बंद कर गए ताकि किसी को शक न हो।
ये भी पढ़ें: Jaipur News: प्रॉपर्टी कारोबारी को साथियों ने किया अगवा, जंगल में ले जाकर की मारपीट, मांगी 50 लाख फिरौती
हत्या के दो दिन बाद 15 जुलाई को पड़ोसियों को घर से दुर्गंध आने लगी। इसी दौरान जब दंपति के बेटे ने कॉल किया और जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने गोस्वामी चौक में रहने वाले अपने चाचा राधे वर्मा को मौके पर भेजा। घर से बदबू आने पर अनहोनी की आशंका हुई और चाचा ने तुरंत मुक्ताप्रसाद थाने में सूचना दी।
पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर के अंदर बुजुर्ग दंपति के शव सड़ी-गली हालत में मिले। इस वीभत्स दृश्य को देखकर सभी हैरान रह गए। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और साइबर टीम की मदद से अरुण ओझा को डिटेन किया, पूछताछ में उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि अरुण का ससुर कर्मवीर तंत्र-मंत्र में विश्वास करता था। वह इसी बहाने बुजुर्ग दंपति से मेल-जोल बढ़ाकर और उन्हें भ्रमित करता था। लूट की साजिश भी इसी बहाने रची गई थी।