जिले की क्षेत्रीय विधि विज्ञानशाला में डीएनए जांच की सुविधा शुरू हो गई है। इसके चलते अब अब बायोलॉजी डिविजन में डीएनए जांच भी संभव हो सकेगी और हत्या, बलात्कार, बर्न केस और पॉक्सो जैसे संवेदनशील मामलों में जयपुर सैंपल भेजने की जरूरत नहीं रहेगी।
जिले के लिए आज का दिन वैज्ञानिक उपलब्धि के रूप में ऐतिहासिक बन गया। करणी नगर स्थित क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला में डीएनए जांच सुविधा की शुरुआत हो गई है। इसका विधिवत शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश अतुल कुमार सक्सेना और जिला पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सागर ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर न्यायाधीश सक्सेना ने कहा कि बीकानेर में डीएनए जांच सुविधा की शुरुआत न्याय व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक कदम है और यह अपराध नियंत्रण में वैज्ञानिक सफलता की दिशा में बड़ा परिवर्तन साबित होगा।
प्रयोगशाला निदेशक डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि अब तक प्रयोगशाला में बायोलॉजी, सेरोलॉजी, टॉक्सिकोलॉजी, फिजिक्स, ब्लास्टिक और केमिस्ट्री से संबंधित जांच की जाती थी। अब बायोलॉजी डिविजन में डीएनए जांच भी संभव होगी। इससे अब हत्या, बलात्कार, जलाने के मामले (बर्न केस) और पॉक्सो जैसे संवेदनशील मामलों में सैंपलों को जयपुर भेजने की आवश्यकता नहीं रहेगी।