Bikaner: डिप्टी कमांडेंट ने मौके पर ड्रोन उड़ाकर लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया, ताकि ग्रामीण उसकी बनावट, आवाज और गतिविधियों को पहचान सकें। साथ ही, उन्होंने ग्रामीणों को साइबर हमलों, सोशल मीडिया फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय भी बताए। उन्होंने लोगों से किसी भी अज्ञात लिंक, कॉल या मैसेज से सावधान रहने की अपील की।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन सिंदूर के तहत सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी के चलते पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन गतिविधियों में तेजी आ गई है। इस संदर्भ में मंगलवार को बीएसएफ इंटेलिजेंस, बीकानेर के डिप्टी कमांडेंट महेश चंद जाट ने गांव 12 KND का दौरा कर ग्रामीणों से संवाद किया और क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की।
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इस दौरान उन्होंने ग्राम सरपंच विजय सिंगर एवं अन्य ग्रामीणों से मुलाकात कर उन्हें ड्रोन से उत्पन्न खतरों के प्रति सतर्क किया। डिप्टी कमांडेंट ने कहा कि आने वाले समय में पड़ोसी देश की ओर से ड्रोन की घुसपैठ और अधिक बढ़ सकती है, ऐसे में ग्रामीणों को हमेशा सजग रहना होगा। उन्होंने अपील की कि यदि किसी को कोई संदिग्ध वस्तु या ड्रोन जैसी उड़ती हुई चीज नजर आए, तो तुरंत बीएसएफ इंटेलिजेंस को सूचित करें। ऐसी किसी भी वस्तु को छूने या उसके पास जाने से बचें।
डिप्टी कमांडेंट ने मौके पर ड्रोन उड़ाकर लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया, ताकि ग्रामीण उसकी बनावट, आवाज और गतिविधियों को पहचान सकें। साथ ही, उन्होंने ग्रामीणों को साइबर हमलों, सोशल मीडिया फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय भी बताए। उन्होंने लोगों से किसी भी अज्ञात लिंक, कॉल या मैसेज से सावधान रहने की अपील की।
इस जागरूकता अभियान में बीएसएफ के वीडियो सुरेश कुमार, बीओपी खानुवाली के कंपनी कमांडर विवेक कुमार (असिस्टेंट कमांडेंट, 140 बटालियन) और इंटेलिजेंस ब्रांच के इंस्पेक्टर अजय पांडेय भी उपस्थित रहे। यह अभियान न केवल सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है, बल्कि ग्रामीणों को जागरूक कर राष्ट्रीय सुरक्षा में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास भी है।