Bikaner News: गंगाशहर थाने में तैनात सहायक उपनिरीक्षक अरुण मिश्रा पकड़े गए रंगे हाथों 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए। दरअसल, मारपीट के एक मामले को रफा-दफा करने के लिए मिश्रा ने फरियादी से 50 हजार रुपये की मांग रखी थी। लेकिन यह भनक एसीबी टीम को लगी और मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया।
राजस्थान में बढ़ते रिश्वतखोरी के मामलों पर एसीबी की टीम लगातार एक्शन मोड पर नजर आ रही है। वहीं, बीकानेर में एंटी करप्शन ब्यूरो ने गंगाशहर थाने में तैनात सहायक उपनिरीक्षक अरुण मिश्रा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार, थाने में दर्ज एक मारपीट के मामले को निपटाने और सुलह कराने के नाम पर आरोपी एएसआई ने कुल 50 हजार रुपये की मांग की थी।
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शिकायतकर्ता ने मामले से एसीबी की टीम को करा दिया था अवगत
लंबी बातचीत और समझौते के बाद यह रकम 10 हजार रुपये पर तय हुई। जैसे ही शिकायतकर्ता ने 10 हजार रुपये दिए, एसीबी की टीम ने मौके पर दबिश देकर एएसआई को पकड़ लिया। आरोपी के पास से पूरी रिश्वत राशि बरामद की गई।
अब पूरे घटनाक्रम की पड़ताल जारी
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई डीआईजी भुवन भूषण यादव के निर्देशन और एसीबी स्पेशल यूनिट के एएसपी आशीष कुमार के नेतृत्व में की गई। टीम अब पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है और यह जांच भी की जा रही है कि मामले में और कोई पुलिसकर्मी या अन्य व्यक्ति शामिल है या नहीं।
एसीबी का दिखा सख्त रुख
एसीबी और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के हर मामले की सख्ती से जांच होगी और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।