जिले में खाजूवाला क्षेत्र के किसानों ने सिंचाई पानी के बंटवारे को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। किसान संगठनों ने 58 प्रतिशत सिंचाई पानी की मांग को लेकर आर-पार की लड़ाई का एलान किया है। इस मांग को लेकर 21 सितंबर को घड़साना में महाआंदोलन और शक्ति प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। किसानों का कहना है कि वे इस लड़ाई को निर्णायक दौर तक ले जाने के लिए तैयार हैं।
सिंचाई पानी की कमी से आर्थिक नुकसान
क्षेत्र में लंबे समय से सिंचाई पानी के उचित बंटवारे की मांग चल रही है। किसान संगठनों ने इस बार 58 प्रतिशत पानी देने की मांग को प्रमुखता से उठाया है। पर्याप्त मात्रा में पानी न मिलने के कारण पूरे क्षेत्र की कृषि व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। फसलें सूखने और पैदावार घटने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी स्थिति से निपटने और सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से किसानों ने यह रणनीति तैयार की है।
गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क
21 सितंबर को घड़साना में होने वाले महाआंदोलन के लिए किसान नेता और कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क साध रहे हैं और उन्हें घड़साना पहुंचने का न्योता दे रहे हैं। आंदोलन को धार देने के लिए खाजूवाला की बैठक के दौरान नेताओं ने चार में से दो समूहों से अपील की कि वे पानी की मांग को लेकर संघर्ष को और तेज करें।
सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर को हटाने की मांग
किसान नेताओं ने सरकार और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के रवैये पर कड़ा एतराज जताया है। कामरेड श्योपत राम ने कहा कि किसान अपने अधिकारों से किसी भी सूरत में समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर को हटाकर ही दम लेंगे और अपने हक का पानी हासिल करेंगे। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने उनकी मांगों पर शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो वे इस आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाएंगे।