मृतक महिला और एंबुलेंस का दरवाजा खोलते हुए
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भीलवाड़ा में प्रतापनगर थाने इलाके के जवाहर नगर में मरीज को लेकर अस्पताल पहुंची एंबुलेंस का गेट 15 मिनट तक नहीं खुला। परिजनों ने शीशा तोड़कर महिला को बाहर निकाला। लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। प्रतापनगर और भीमगंज थाने में एंबुलेंस कर्मचारियों पर लापरवाही का केस दर्ज किया गया है।
बता दें कि जवाहर नगर में चर्च के पास रहने वाले गौरव ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वे किराए के मकान में रहते हैं। उनकी मां सुलेखा बीमार रहती है। रविवार सुबह मां ने फंदा लगा लिया था। अचानक वो कमरे में पहुंच गए और फंदे को काटकर मां को उतारा। उस दौरान उनकी सांसें चल रही थीं। तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई। अस्पताल के बाहर 15 मिनट तक एंबुलेंस का गेट ही नहीं खुला। शीशा तोड़कर मां को निकाला, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
गौरव ने आगे बताया कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर पूरी तरह से काम नहीं कर रहा था। इधर, ड्राइवर रास्ता भूल गया और फिर जब हम किसी तरह अस्पताल पहुंचे तो गेट लॉक हो गया। इस सब में 15 मिनट बीत गए। देरी के चलते मां की मौत हो गई। दीवान भंवरलाल जिला अस्पताल पहुंचे। पोस्टमॉर्टम करवाकर शव का परिजनों को सौंपा। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल, एंबुलेंसकर्मियों पर केस दर्ज किया गया है।