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अंधविश्वास ने फिर ली जान: सर्दी-जुकाम से पीड़ित नौ माह के मासूम को भोपा ने गर्म सरिए से दागा, संक्रमण से मौत

Sun, 09 Nov 2025 10:25 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा

सार

Bhilwara News: भीलवाड़ा जिले में 9 माह के बच्चे की मौत अंधविश्वास का शिकार बनकर हुई। मामूली बीमारी पर इलाज की बजाय भोपा के पास ले जाने पर उसने गर्म सरिए से दाग दिया गया। संक्रमण फैलने से बच्चे की हालत बिगड़ी और तीन दिन बाद उसने दम तोड़ दिया।
 
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पुलिस ने आरोपी भोपा को पकड़ा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भीलवाड़ा जिले के इंरास गांव में अंधविश्वास के कारण एक नौ महीने के मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। मामूली सर्दी-जुकाम और सांस लेने में परेशानी से पीड़ित बच्चे को अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन गांव के भोपा (झाड़-फूंक करने वाले) के पास ले गए। भोपा ने इलाज के नाम पर गर्म सरिए से बच्चे के शरीर पर कई जगह दाग लगा दिए। इससे उसकी हालत और बिगड़ गई और तीन दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद शनिवार रात मासूम ने दम तोड़ दिया।

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भोपा की करतूत से बिगड़ी हालत, अस्पताल में नहीं बच सकी जान
सदर थाना प्रभारी कैलाश बिश्नोई ने बताया कि इंरास गांव निवासी देवा बागरिया का नौ महीने का बेटा गोविंद मंगलवार को बीमार हुआ था। उसे सांस लेने में तकलीफ थी। परिवार उसे गांव के ही भोपा के पास ले गया, जिसने झाड़-फूंक के दौरान गर्म सरिए से दाग दिया। भोपा का दावा था कि इससे बच्चा ठीक हो जाएगा, लेकिन हालत और बिगड़ गई। परिजन बच्चे को घर ले गए, लेकिन उसकी तबीयत लगातार गिरती चली गई। गुरुवार को हालत गंभीर होने पर उसे महात्मा गांधी अस्पताल, भीलवाड़ा लाया गया। जहां डॉक्टरों ने वेंटिलेटर पर रखकर इलाज शुरू किया। तीन दिन तक जिंदगी से लड़ने के बाद शनिवार देर रात उसने दम तोड़ दिया।

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गर्म सरिया लगाने से फैला संक्रमण, नहीं बच सकी जान
महात्मा गांधी अस्पताल के पीएमओ डॉ. अरुण गौड़ ने बताया कि बच्चे को निमोनिया था, लेकिन भोपा के झाड़-फूंक के दौरान गर्म सरिए से दाग देने से गंभीर संक्रमण फैल गया। उन्होंने कहा कि डाम लगाने से बीमारी ठीक नहीं होती, बल्कि शरीर में इन्फेक्शन बढ़ जाता है। बच्चे को गंभीर इंट्रा ग्रेन्यूलर इन्फेक्शन हो गया था, जिससे उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई।

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डॉ. गौड़ ने यह भी कहा कि गर्म सरिए से दागने पर मरीज शॉक में जा सकता है, शरीर में ब्लीडिंग हो सकती है और फेफड़ों या दिमाग तक असर पहुंच सकता है। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी बीमारी में झाड़-फूंक या अंधविश्वास के बजाय तुरंत चिकित्सकीय उपचार करवाएं।
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पुलिस ने भोपा के खिलाफ दर्ज किया मामला, जांच शुरू
अस्पताल प्रशासन ने बच्चे की मौत की सूचना हॉस्पिटल चौकी को दी, जिसके बाद सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने आरोपी भोपा के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

थानाधिकारी बिश्नोई ने कहा कि अंधविश्वास के नाम पर इस तरह की घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। एक मासूम की जान भोपा की लापरवाही और अंधविश्वास की भेंट चढ़ गई है। आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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