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Bhilwara: क्या मोदी नाम और बूथ मैनेजमेंट के सहारे BJP पार करेगी चुनावी वैतरणी, जानिए कैसा रहा इस सीट का इतिहास

Sat, 01 Jun 2024 04:43 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा

सार

भाजपा का संगठन जिस प्रकार से बूथ स्तर तक मजबूत दिखा उसके मुकाबले कांग्रेस का संगठन जिले में तार तार होता ही दिखा। उससे ये तय है कि भाजपा अपनी इस सीट पर जीत को बरकरार रख लेगी।
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भीलवाड़ा हॉट सीट पर भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लोकसभा चुनाव में हॉट सीट रही भीलवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में चुनाव परिणाम तो 4 जून को आएगा। मतदान के बाद अब तक क्षेत्र के मतदाताओं के मन को टटोलने के बाद जो रूझान सामने आए हैं, उससे ये तय है कि भाजपा अपनी इस सीट पर जीत को बरकरार रख लेगी। भाजपा यहां तीसरी बार अपना सांसद बनाने को तैयार है। भाजपा का संगठन जिस प्रकार से बूथ स्तर तक मजबूत दिखा उसके मुकाबले कांग्रेस का संगठन जिले में तार तार होता ही दिखा। चुनावी प्रबंधन और नरेंद्र मोदी के नाम पर चुनावी वैतरणी पार करने को भाजपा का हर कोई कार्यकर्ता आश्वस्त दिख रहा है। 

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कांग्रेस ने यहां से राजस्थान विधानसभा के पूर्व स्पीकर और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी को चुनावी मैदान में उतारा है। कांग्रेस के सीपी जोशी का भीलवाड़ा में भाजपा के प्रदेश महामंत्री और पहली बार चुनाव लड़ रहे दामोदर अग्रवाल से सीधा मुकाबला रहा।

भीलवाड़ा सीट पर इस बार चुनाव में भाजपा, कांग्रेस, बसपा समेत कुल दस उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इस लोकसभा सीट के लिए अब तक हुए चुनाव में ज्यादातर कांग्रेस का दबदबा रहा है। अब तक 18 बार चुनाव हुए, जिसमें 9 बार कांग्रेस, 5 बार भाजपा और चार बार अन्य दलों के प्रत्याशी जीते। पिछले दो चुनाव की अगर बात करें, तो वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में यहां वर्तमान सांसद सुभाष बहेड़िया विजयी हुए थे। 2019 में भी भाजपा से सुभाष बहेड़िया देश में चैथी और राजस्थान में सर्वाधिक 6 लाख 12 हजार रिकॉर्ड मतों से जीतकर संसद पहुंचे थे। पिछले लोकसभा चुनाव में भीलवाड़ा संसदीय क्षेत्र में भाजपा के सुभाष बहेड़िया को पीएम मोदी से बड़ी जीत मिली थी।
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भीलवाड़ा शहर, जिसे ‘टेक्सटाइल सिटी’ के नाम से जाना जाता है, विकास के रास्ते पर तेजी से अग्रसर है। यहां के कपड़े का व्यापार लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का है और अब रेडीमेड गारमेंट के कारोबार में भी तेजी से वृद्धि हो रही है। भीलवाड़ा देश में अब्रक (माइका) उत्पादन में दूसरे स्थान पर रहा है। इस क्षेत्र में ब्राह्मण जाति का प्रभुत्व हमेशा से रहा है, जिससे कांग्रेस ने 10 बार ब्राह्मण उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। इसके अलावा, भाजपा के राजपूत उम्मीदवार वी.पी. सिंह बदनोर और जनसंघ के उम्मीदवार हेमेंद्र सिंह बनेड़ा यहां दो बार चुनाव जीतने में सफल रहे हैं।

2009 में भीलवाड़ा से सांसद रह चुके सीपी जोशी
डॉ. सीपी जोशी साल 2009 से 2014 तक लोकसभा में भीलवाड़ा का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इस दौरान सीपी जोशी, मनमोहन सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे थे। उसे समय डॉ. जोशी ने भीलवाड़ा में पीने के पानी की गंभीर समस्या को चंबल नदी से पानी लाकर पूरा किया था। आज इस चंबल के पानी और सड़कों के विकास के नाम पर डॉक्टर जोशी चुनावी मैदान में उतरे। परंतु संगठन का ताना बाना छिन्न भिन्न रहने से इसका लाभ कांग्रेस को नहीं मिल पाया।

कौन हैं दामोदर अग्रवाल, संगठन पर पकड़ भी मजबूत
भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार दामोदर अग्रवाल के जीवन का ये पहला चुनाव है। उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद तीन साल तक ब्यावर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में काम किया था। इस चुनाव में संघ की पृष्ठभूमि के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर दामोदर अग्रवाल चुनावी मैदान में उतरे। जिले में संगठन महामंत्री व जिला अध्यक्ष के पद पर काम करने के कारण संगठन पर अच्छी पकड़ रही है अग्रवाल की। 

भीलवाड़ा लोकसभा में किसका दबदबा, सात विधानसभाओं में भाजपा काबिज
भीलवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में 8 विधानसभाएं हैं। आसीन्द, मांडल, सहाड़ा, भीलवाड़ा शहर, शाहपुरा, जहाजपुर, मांडलगढ़ और हिंडोली हैं। इनमें से केवल हिंडोली विधानसभा पर कांग्रेस का कब्जा है। यहां के कांग्रेस के अशोक चांदना विधायक हैं, जबकि 6 सीटों पर बीजेपी और एक सीट भीलवाड़ा पर आरएसएस समर्थक निर्दलीय विधायक का कब्जा है।

2019 में रिकॉर्ड मतों से जीते थे भाजपा प्रत्याशी
इस बार लोकसभा चुनाव के मैदान में भाजपा प्रत्याशी दामोदर अग्रवाल केंद्र की मोदी सरकार की उपलब्धियों के साथ ही गहलोत सरकार में हुए पेपर लीक और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे को लेकर मैदान में रहे। कांग्रेस प्रत्याशी सीपी जोशी 2009 लोकसभा चुनाव में विजय होकर केंद्र में मंत्री रहे। उस समय भीलवाड़ा जिले में उन्होंने चंबल पेयजल योजना और राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण पर किए काम के मुद्दे को लेकर जनता के बीच पहुंचे।

26 अप्रैल को हुआ था मतदान
इस संसदीय क्षेत्र में मतदान 26 अप्रैल को हुआ, जिसमें कुल 60.37 प्रतिशत वोट पड़े। भीलवाड़ा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र भारत की चुनावी राजनीति में अपने महत्वपूर्ण स्थान रखता है। 2019 के आम चुनावों में, यहां बहुत मजेदार चुनावी मुकाबला देखने को मिला था। भाजपा के प्रत्याशी सुभाष चंद्र बहेडिया ने पिछले चुनाव में 6,12,000 मतों के अंतर से जीत दर्ज किया। उन्हें 9,38,160 वोट मिले। सुभाष चंद्र बहेडिया ने कांग्रेस के उम्मीदवार रामपाल शर्मा को हराया जिन्हें 3,26,160 वोट मिले। रामपाल शर्मा इस चुनाव में भाजपा में शामिल हुए और भाजपा के पक्ष में काम किया।

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