राजस्थान के अजमेर में 75 लाख रुपये कीमत का 500 ग्राम सोना गायब करने के मामले में सिविल लाइंस थाना पुलिस ने कारोबारी के कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि कर्मचारी ने अपने सगे भाई और उसके दोस्त के साथ मिलकर सोने की हेराफेरी की साजिश रची थी। सोना जयपुर से लाने के बाद कर्मचारी ने कारोबारी को फोन कर बताया कि पैकेट उसकी जेब से कहीं गिर गया है। हालांकि, पूछताछ में उसने सोना अपने भाई और उसके दोस्त को सौंपने की बात कबूल कर ली। मामले में दोनों अन्य आरोपी फरार हैं।
सोने का पैकेट जेब से गायब होने का बनाया बहाना
मेड़ता सिटी निवासी कारोबारी भरत सोनी का कर्मचारी मोहम्मद बिलाल 4 नवंबर को 500 ग्राम सोना लेने जयपुर गया था। वहां एक व्यापारी से सोने की डिलीवरी लेने के बाद बिलाल ने शाम को अपने मालिक को फोन कर बताया कि वह बस से अजमेर के लिए रवाना हो चुका है। रात में अजमेर पहुंचने के कुछ देर बाद उसने कारोबारी को दोबारा फोन किया। इस बार उसने घबराते हुए बताया कि सोने का पैकेट उसकी जेब में नहीं है और संभव है कि कहीं रास्ते में गिर गया हो।
पूछताछ में भाई और दोस्त को सोना देने की बात कबूली
कर्मचारी की बातों पर संदेह होने पर कारोबारी भरत सोनी ने उससे सख्ती से पूछताछ की। इस दौरान बिलाल ने कथित तौर पर पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। उसने बताया कि जयपुर से लाया गया 500 ग्राम सोना उसने अपने भाई मोहम्मद आसिफ और उसके दोस्त फरहान को सौंप दिया था।
इस जानकारी के बाद कारोबारी देर रात बिलाल को साथ लेकर मेड़ता में आसिफ और फरहान के ठिकाने पर पहुंचे। हालांकि, वहां दोनों आरोपी नहीं मिले। वे पहले ही फरार हो चुके थे और उनका कोई सुराग नहीं लग सका।
75 लाख के सोने की हेराफेरी में कर्मचारी गिरफ्तार, दो की तलाश
कारोबारी भरत सोनी ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया कि उनके कर्मचारी मोहम्मद बिलाल ने अपने भाई और दोस्त के साथ मिलकर साजिश के तहत 75 लाख रुपये का सोना हड़प लिया है। शिकायत के आधार पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने कर्मचारी समेत तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की। सिविल लाइंस थाने के सहायक उपनिरीक्षक श्रीलू कुमार ने बताया कि मामले में मुख्य आरोपी कर्मचारी मोहम्मद बिलाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, जबकि मोहम्मद आसिफ और फरहान की तलाश जारी है।