पत्रकार वार्ता करते कुलदीप जघीना के परिजन।
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भरतपुर में 12 जुलाई को हुए कुलदीप हत्याकांड के सात दिन बाद कुलदीप के परिजन मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गुहार लगा रहे हैं। अब परिजनों की मांग है कि कृपाल जघीना के भाई कांस्टेबल रविंद्र और उसके साथी पुष्कर को गिरफ्तार किया जाए। भरतपुर के हलैना थाना पुलिस के सामने कुलदीप की हत्या कर दी गई थी। सभी बदमाशों पर आतंकवादी की धारा लगाई जाए। कृपाल के कांस्टेबल भाई रविंद्र और उसके साथी पुष्कर सहित मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कल से एसपी ऑफिस पर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। कुलदीप हत्या कांड को लेकर मृतक कुलदीप की बहन ऋचा ने अपने गांव जघीना में प्रेस वार्ता की।
बहन ने बताया कुलदीप की हत्या के दौरान आरोपी बस से उतरते चढ़ते रहे, लेकिन पुलिस ने कोई जबाबी कार्रवाई नहीं की। बस में चीख पुकार मच रही थी। कुलदीप तो चला गया था, लेकिन बस में बुजुर्ग, महिला, बच्चे थे अगर उन्हें कुछ भी हो जाता तो उसका जिम्मेदार कौन होता। बस में तीन यात्रियों के गोली भी लगी थी। उसमें किसी की जान चली जाती तो उसका जिम्मेदार कौन था। ऐसे आरोपियों पर आतंकवादी की धारा लगाई जाए। इसमें मुख्य भूमिका कृपाल के भाई रविंद्र की है। वह पुलिस में होने का फायदा उठाता है। उसका एक साथी है पुष्कर जो हलैना थाने में तैनात है। इस हत्याकांड में मुख्य भूमिका रविंद्र और पुष्कर ने रची है। हाईकोर्ट ने भी टिप्पड़ी की थी कि कुलदीप की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए होगी। उसके बाद भी कुलदीप को पेशी के लिए लाया गया।
हिस्ट्रीशीटर कृपाल की हत्या में हमारा परिवार आरोपी नहीं-ऋचा
हिस्ट्रीशीटर कृपाल हत्याकांड में हमारा परिवार मुल्जिम था तो, उस समय सीओ सिटी के पद पर तैनात सीओ सिटी सतीश वर्मा सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर ले गए थे। जिसमें साफ़ दिखाई दे रहा था कि पिता कुंवरजीत सिंह घर पर ही हैं, लेकिन वह डीवीआर कहीं भी शो नहीं की गई। हमारा परिवार मुल्जिम होता तो हम भी फरार होते, जिस तरह अब कृपाल का परिवार फरार है। यह एक सोची समझी साजिश है।
कृपाल कोई बीजेपी का नेता नहीं था
कुलदीप की मां ने कहा कि कृपाल को बीजेपी नेता बताया जा रहा है और मेरे बेटे को बीजेपी नेता का हत्यारा कह रहे थे। किसी ने देखा क्या मेरे बेटे को हत्या करते हुए। किसी के पास कोई प्रूफ है क्या मेरे बेटे ने कृपाल की हत्या की। कृपाल कोई बीजेपी नेता नहीं था। कृपाल पर केस दर्ज थे। जैसे चोरी, लूट, अवैध वसूली, अवैध कब्ज़ा करना यह कृपाल का काम था। कुलदीप 25 प्रांतों का प्रमुख था।
कुलदीप की हत्या के दौरान जो महिला बस से उतरती हुई दिखाई दे रहे है। वह कृपाल की पत्नी है। जो लड़का नकाबपोश बस के अंदर बैठा था उसकी चलानी गार्डों ने तलाशी नहीं ली।