भरतपुर। डीग जिले के कामां थाना इलाके में एक विधवा को नौकरी दिलाने के बहाने बंधक बनाकर 14 दिन तक छह लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। दो अलग-अलग जगह किराए के कमरे में रखकर उसे शीतल पेय में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया जाता रहा। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहाड़ी थाना इलाके में रहने वाली पीड़िता ने बताया कि 2013 में उसके पति की मौत हो गई थी। जेठ-जेठानी से आए दिन झगड़ा होता था। पारिवारिक कलह की वजह से वह दो बच्चों को लेकर मायके गोपालगढ़ थाना इलाके में आ गई। महिला करीब 5 साल मायके में रही, लेकिन यहां भी पारिवारिक कलह होने के कारण घर छोड़कर कामां आ गई और किराए का कमरा लेकर मजदूरी कर बच्चों का पेट पालने लगी। कामां में ज्यादा काम नहीं मिलने के चलते वह 28 अगस्त को सीकरी आई।
यहां उसकी मुलाकात झोतली गांव निवासी आशू से हुई। इधर 3 सितंबर को आशू ने महिला को फोन किया। बताया कि उसका एक रिश्तेदार नई नौकरी और कमरा दिला देगा। फोन आने पर महिला सीकरी चली गई। आशू ने महिला को शादीवास गांव निवासी इलियास से मिलवाया। इलियास ने 4 सितंबर को कहा कि उसने नौकरी और रहने की व्यवस्था कर दी है। इसके बाद आरोपी इलियास निवासी शादीवास, अख्तर निवासी धर्मशाला, जमशेद और जैकम निवासी गुलपाड़ा और रुजदार उसे सीकरी में किराए का कमरा व नई नौकरी दिलाने का झांसा देकर ले गए।
महिला के साथ तीन लोग टेंपो में बैठ गए और बाकी तीन बाइक पर थे। महिला के साथ उसके दोनों बच्चे भी थे। आरोपियों ने महिला को रास्ते में कोल्ड ड्रिंक पिलाया, जिसके बाद वह बेहोश हो गई। आरोपी उसे कामां में कोसी रोड स्थित होटल में ले गए। जहां उन्होंने उसे बेहोशी की दवा दी और बच्चों को कब्जे में लेकर 10 सितंबर तक सामूहिक दुष्कर्म किया। लगातार सात दिन तक दुष्कर्म के दौरान आरोपी उसे पीटते रहे। 11 सितंबर को होटल से एक किराए के कमरे में ले गए।
यहां उन्होंने सात दिन तक फिर से दुष्कर्म किया। बाद में 17 सितंबर को बच्चों को उसे सौंपकर भगा दिया। इसके बाद वह रूम पर कामां लौट गई। कामां क्षेत्राधिकारी देशराज ने बताया कि महिला ने 6 आरोपियों के खिलाफ 14 दिन तक होटल और रूम में रखकर दुष्कर्म करने का मामला मंगलवार को कामां थाने में दर्ज कराया है। जांच की जा रही है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। संवाद