भरतपुर के जसवंत प्रदर्शनी मेले में हंगामा
भरतपुर के जसवंत प्रदर्शनी एवं पशु मेले का समापन समारोह एडीएम प्रशासन राजीव शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ। समारोह में विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी और मेले में आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। वहीं मेला अवधि बढ़ाने को लेकर दुकानदारों और झूला संचालकों की नाराजगी भी सामने आई। व्यापारियों ने मेले को धनतेरस तक बढ़ाने की मांग करते हुए मेला प्रशासन की ओर से दिया जाने वाला सम्मान लेने से इनकार कर दिया।
31 अक्टूबर तक मेला बढ़ाने की मंजूरी्र
समापन समारोह के दौरान मेला अधिकारी ने जिला प्रशासन की ओर से मेले की अवधि छह दिन बढ़ाकर 31 अक्टूबर तक किए जाने की जानकारी दी। हालांकि मेले में दुकानें लगाने वाले व्यापारियों और झूला संचालक फिरोज खान और राहुल चौधरी समेत कई व्यापारियों ने इस निर्णय पर असंतोष जताया। उनका कहना था कि मेले में ऊंची बोली लगाकर महंगे किराए पर प्लॉट लिए गए हैं। ऐसे में सीमित अवधि में खर्च निकालना मुश्किल हो सकता है। व्यापारियों ने मांग की कि मेले की अवधि धनतेरस तक बढ़ाई जाए, ताकि उन्हें कारोबार के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
पंचायती चुनाव के चलते अवधि बढ़ाने में परेशानी
व्यापारियों की मांग पर जिला प्रशासन की ओर से पंचायती चुनाव के चलते धनतेरस तक मेले की अवधि बढ़ाने में परेशानी होने की बात कही गई। प्रशासन ने फिलहाल 31 अक्टूबर तक ही मेले के आयोजन की मंजूरी दी है। इस फैसले से नाराज कई दुकानदारों और झूला संचालकों ने सम्मान समारोह में सम्मान लेने से मना कर दिया।
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कृषि विभाग की प्रदर्शनी को मिला पहला स्थान
व्यापारियों की नाराजगी के बावजूद समारोह में सम्मान कार्यक्रम जारी रहा लेकिन झूले संचालक और व्यापारी सम्मान समारोह कार्यक्रम से बाहर निकलकर आ गए और कुर्सियां खाली हो गईं। विभिन्न विभागों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी और प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। विभागीय योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से लगाई गई प्रदर्शनी में कृषि विभाग को पहला स्थान मिला।
जिला कलेक्टर से मिल सकता है प्रतिनिधिमंडल
मेले की अवधि को लेकर व्यापारियों की नाराजगी के बाद अब जिला प्रशासन के समक्ष यह मुद्दा फिर उठ सकता है। संभावना जताई जा रही है कि व्यापारी प्रतिनिधिमंडल जिला कलक्टर से मुलाकात कर मेले को धनतेरस तक बढ़ाने की मांग रख सकता है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन व्यापारियों की मांग पर क्या निर्णय लेता है।