पूर्व विधायक अतरसिंह भड़ाना हत्याकांड में मुख्य षड्यंत्रकर्ता मुकेश फौजी ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि उसने 11 अक्टूबर को ग्रामीणों के फायरिंग में घायल होने की झूठी अफवाह फैलाकर भीड़ को उकसाया था। इसके बाद उग्र ग्रामीणों ने भौंडा गांव की माइंस पर हमला कर दिया, जिसमें गंभीर रूप से घायल पूर्व विधायक की जयपुर ले जाते समय मौत हो गई।
पूर्व विधायक अतरसिंह भड़ाना हत्याकांड के मुख्य षड्यंत्रकर्ता मुकेश फौजी ने पुलिस पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। आरोपी ने वारदात से पहले गांव में ग्रामीणों के फायरिंग में घायल होने की अफवाह फैलाकर भीड़ को उकसाया था।
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पुलिस पूछताछ में बड़ा खुलासा
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी मुकेश फौजी ने बताया कि उसने 11 अक्तूबर की शाम अपने साथियों को भैरव मंदिर की पहाड़ी पर भेजा था। साथियों ने पूर्व विधायक अतरसिंह भड़ाना के माइंस पर मौजूद होने की जानकारी दी। इसके बाद मुकेश ने गांव में यह झूठी खबर फैला दी कि पूर्व विधायक की तरफ से हुई गोलीबारी में चार-पांच ग्रामीण घायल हो गए हैं। इस अफवाह से ग्रामीण उग्र हो गए और बड़ी संख्या में माइंस पर पहुंचकर हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल पूर्व विधायक की जयपुर ले जाते समय मौत हो गई। पुलिस का मानना है कि पूछताछ आगे बढ़ने पर इस मामले में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।
दिल्ली में दर्ज किए पत्नी के बयान
मामले के अनुसंधान अधिकारी ने 22 अक्तूबर को दिल्ली पहुंचकर पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश भड़ाना के बयान दर्ज किए। स्वास्थ्य कारणों और बोलने में असमर्थता के चलते पुलिस ने उनके बयान लिखित रूप में लिए। पीड़ित परिवार ने पुलिस को घटना से जुड़ी डीवीआर भी सौंपी है। पत्नी कमलेश ने अपने बयानों में प्राथमिक रिपोर्ट में दर्ज घटनाक्रम को ही दोहराया है। परिजनों के अनुसार वारदात के दौरान हमलावर पूर्व विधायक के साथ बेरहमी से मारपीट कर रहे थे। पति को बचाने के लिए आगे आईं पत्नी कमलेश के साथ भी हमलावरों ने धक्का-मुक्की और मारपीट की थी।
दो और इनामी आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने शनिवार को ही पांच-पांच हजार रुपये के दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपियों में भरतपुर निवासी 35 वर्ष के राधाकिशन उर्फ पप्पी और 34 वर्ष के हेमसिंह शामिल हैं। इस सनसनीखेज वारदात में पुलिस अब तक कुल 19 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इससे पहले, लापरवाही बरतने के आरोप में वैर थानाधिकारी और टीआइ कांस्टेबल को निलंबित किया जा चुका है, जबकि दो आरपीएस अधिकारियों को एपीओ किया गया है। यह पूरी घटना 11 अक्तूबर की शाम वैर थाना क्षेत्र के भौंडा गांव में खनन लीज पर हुए विवाद से शुरू हुई थी, जिसमें मृतक की पत्नी ने 64 नामजद समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।