बयाना कस्बे में महंगे दामों पर डीएपी की कालाबाजारी की शिकायत पर कृषि विभाग ने छापेमारी की। इस दौरान श्याम एंड ब्रदर्स फर्म के गोदाम से ट्रॉली में भरे 200 अवैध डीएपी कट्टे जब्त किए गए, जो ऊंचे दामों पर बेचने के लिए तैयार किए गए थे। कृषि विभाग ने फर्म का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है और गोदाम को सील कर दिया है।
जिले की बयाना कस्बे में महंगे दामों में डीएपी बेचने की और कालाबाजारी करने की शिकायत पर कृषि विभाग की टीम ने खाद बीज विक्रेताओं की दुकानों पर छापा मारकर कार्रवाई की। इस कार्रवाई के तहत एक फर्म के बाहर ट्रॉली में भरे 200 डीएपी के अवैध कट्टों को पकड़ा है। यह खाद के कट्टे कालाबाजारी के लिए ऊंचे दाम में बेचने के लिए ले जाए जा रहे थे। कृषि विभाग ने कट्टों को जब्त कर फर्म लाइसेंस के निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गोदाम को सीज कर दिया गया है। हालांकि वैसे भी डीएपी खाद की किल्लत मची हुई है।
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कृषि विभाग के सहायक निदेशक सुरेश गुप्ता ने बताया कि बयाना में दुकानदार अधिक कीमत पर डीएपी बेच रहे हैं। उन्होंने बिक्री स्टॉक में नहीं रखते हुए अवैध गोदामों में अवैध रूप से स्टॉक रख रखा है। इस तरह की सूचना मिली और रात्रि साढ़े 9 बजे के आसपास कृषि अधिकारी मुनीम सिंह और मैंने बयाना में खाद बीज के विक्रेताओं के गोदामों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान आनंद बिहार कॉलोनी में श्याम एंड ब्रदर्स की तरफ एक जगह ट्रॉली में सामान लद रहा था। पास जाकर देखा तो 200 कट्टे ट्रॉली में भरे हुए थे जो डीएपी के कट्टे थे, लेकिन रिकॉर्ड के अनुसार 35 कट्टे होने चाहिए। कृषि विभाग ने कट्टों को उतरवाकर जब्त कर लिया है। विभाग ने खाद बीज विक्रेता फर्म के लाइसेंस को निरस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है।