एंबुलेंस को धक्का लगाने पर भी नहीं हुई स्टार्ट।
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राजस्थान के भरतपुर स्थित जिला आरबीएम अस्पताल में सोमवार को एक असामान्य दृश्य देखने को मिला, जब अस्पताल में मरीजों को लाने-ले जाने वाली आपातकालीन एम्बुलेंस खराब हो गई। कर्मचारियों ने एम्बुलेंस को स्टार्ट करने के लिए धक्का लगाने का प्रयास किया, लेकिन करीब आधे घंटे की मशक्कत के बावजूद एम्बुलेंस स्टार्ट नहीं हो सकी। कर्मचारियों को मजबूरन मैकेनिक की सहायता का इंतजार करना पड़ा।
मौसम की पहली सर्दी में ही एम्बुलेंस का सेल्फ काम करना बंद कर देने से स्पष्ट हो गया कि अस्पताल प्रशासन द्वारा एम्बुलेंस के मेंटेनेंस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। गनीमत रही कि एम्बुलेंस में उस समय कोई मरीज नहीं था, वरना मरीज और उसके परिजनों को गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ सकता था।
जानकारी के मुताबिक, यह एम्बुलेंस हाल ही में विधायक डॉ. सुभाष गर्ग द्वारा मरीजों की सुविधा के लिए शुरू कराई गई थी। हालांकि, इसे आरबीएम अस्पताल में एमरजेंसी सेवाओं के लिए लगाया गया है। सोमवार सुबह जब चालक ने एम्बुलेंस स्टार्ट करने का प्रयास किया तो वह स्टार्ट नहीं हुई। इसके बाद कर्मचारियों ने धक्का देकर उसे चालू करने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे।
यह सोचने वाली बात है कि अगर यही स्थिति आपातकाल के समय बीच रास्ते में होती, तो मरीज और उसके परिवार के लिए यह कितना खतरनाक साबित हो सकता था। अस्पताल प्रशासन की यह लापरवाही गंभीर चिंताओं को जन्म देती है। हल्की सर्दी में ही एम्बुलेंस की स्थिति बिगड़ जाना यह साबित करता है कि रखरखाव में कमी है।
इस घटना ने स्पष्ट कर दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारु संचालन के लिए एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के नियमित रखरखाव पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। अगर ऐसा नहीं किया गया तो किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से हो सकती है।