भरतपुर। पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती पेपर लीक मामले में एसओजी (विशेष ऑपरेशन समूह) ने मंगलवार को एसपी कार्यालय में तैनात उपनिरीक्षक जगदीश सिहाग को हिरासत में लिया था। देररात दरोगा सहित उसकी आरक्षी बहन को भी गिरफ्तार किया है। दूसरी आरक्षी बहन की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। मामले में गिरफ्तार डमी परीक्षार्थी ने उपनिरीक्षक की दो बहनों के स्थान पर परीक्षा देकर उन्हें पास कराया था। वर्तमान में दोनों बहनें पुलिस में आरक्षी हैं। एसओजी गिरफ्तार एसआई और बहन से पूछताछ कर रही है।
एसओजी के डीएसपी शिव कुमार भारद्वाज ने बताया कि बताया कि मंगलवार को एसपी कार्यालय में तैनात उपनिरीक्षक जगदीश सिहाग को हिरासत में लिया था। जांच और पूछताछ में उसकी संलिप्तता उजागर होने पर गिरफ्तार कर लिया गया। बताया कि 2021 में हुई परीक्षा में जगदीश सिहाग की दो बहनों का भी चयन हुआ था। आरोप है जगदीश ने सगी बहन इंदुबाला और चचेरी बहन भगवती के स्थान पर डमी परीक्षार्थी वर्षा से परीक्षा दिलाई थी। इसके बाद वर्षा ने भी परीक्षा दी थी। परीक्षा के बाद तीनों का चयन हो गया। इसमें इंदुबाला और भगवती ने नौकरी ज्वाइन कर ली। वर्षा पहले से शिक्षिका थी, इसलिए उसने पुलिस की नौकरी ज्वाइन नहीं की।
एसओजी ने उपनिरीक्षक जगदीश सिहाग और बहन इंदुबाला को गिरफ्तार कर लिया है। दूसरी बहन की तलाश की जा रही है। उपनिरीक्षक जगदीश सिहाग का 2014 की एसआई भर्ती परीक्षा में चयन हुआ था। वर्तमान में वह भरतपुर एसपी कार्यालय में रीडर के पद तैनात है। गौरतलब है मंगलवार को एसओजी पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी हर्षवर्धन मीणा को जेल से भरतपुर लेकर आई थी। यहां सारस चौराहे पर हर्षवर्धन से पूछताछ कर मौके पर नक्शा बनवाया गया था। एसओजी ने हर्षवर्धन मीणा की ससुराल मिलकपुर में भी 29 फरवरी को सर्च ऑपरेशन चलाया था। यहां आरोपी के साले सूचना एवं जनसंपर्क कर्मी मनोज मीणा के घर से जांच के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए थे।