अपना घर आश्रम में करवा चौथ मनातीं महिलाएं
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राजस्थान में बुधवार को करवा चौथ का पर्व मनाया जा रहा है। करवा चौथ का पर्व पति-पत्नी के रिश्ते को मजबूत बनाने वाला त्योहार है। पति-पत्नी का रिश्ता जन्मों-जन्मों का बंधन है। मान्यता है कि शादी के सात वचन और सात फेरे, सात जन्मों तक दो लोगों को एक दूसरे का जीवनसाथी बना देते हैं।
मां माधुरी ब्रज वारिस सेवा सदन अपना घर आश्रम भरतपुर में बुधवार को करवा चौथ पर्व धूमधाम से मनाया गया। घर, परिवार, पति सब कुछ है। लेकिन मानसिक हालत और विभिन्न शारीरिक हालातों ने साथ नहीं दिया और रिश्तों ने भी बिसरा दिया। आश्रम में रहने वाली 140 महिलाओं के साथ इतना सब कुछ घटित होने के बाद भी पति के प्रति समर्पण कम नहीं हुआ है। इसलिए ये महिलाएं हर साल करवा चौथ पर पति की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इसी क्रम में बुधवार को उन्होंने करवा चौथ का व्रत रखकर पति की लंबी आयु की कामना की है।
अपना घर में नौ साल से रह रहीं कुसुम जैन और पांच साल से रह रहीं नमिता दीक्षित ने बताया कि हर साल पति की लंबी आयु के लिए करवा चौथ का व्रत रखती हैं। उन्हें उम्मीद है कि एक न एक दिन उनके पति उन्हें लेने अपना घर आश्रम जरूर आएंगे। इसकी कामना के साथ वे करवा चौथ का व्रत रखती हैं। उन्होंने बताया कि वे कभी-कभार फोन पर बात कर लेते हैं। मेरे लिए यही काफी है। आज नहीं तो कल उनके मन में मेरे लिए प्रेम जगेगा।
इससे पहले निर्जला व्रत कर रही आश्रम की महिलाओं द्वारा मेहंदी लगाई, चुंदडी परिधान पहनकर दोपहर दो बजे चौथ माता की कहानी सुनी। बाद में ढोलक की थाप पर सुहाग गीत, भजन और लोकगीत गाकर डांडिया नृत्य भी किया। रात को चांद दिखने पर महिलाओं ने विधि विधान से अर्घ्य देकर व्रत खोला।
जानकारी के मुताबिक, अपना घर आश्रम भरतपुर में 2,881 महिलाएं रह रही हैं। उन्हें देश के विभिन्न स्थानों से अस्वस्थ हालत में लाकर अपना घर में भर्ती किया गया और सेवा व उपचार के बाद वे ठीक हैं। उनमें से 140 महिलाओं के साथ इतना सब कुछ घटित होने के बाद भी पति के प्रति समर्पण कम नहीं हुआ है। इसलिए हर साल करवा चौथ पर वे पति की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इन महिलाओं ने बुधवार को विधि-विधान के साथ करवा चौथ मनाई, क्योंकि इन्हें लगता है कि कभी तो उन्हें इस व्रत का फल मिलेगा। अभी इनके अंदर उम्मीदें जिंदा हैं, पति के साथ परमात्मा पर भरोसा कर रही हैं। उनका कहना है कि व्रत और आस्था किसी दिन पति के दिल तक अवश्य पहुंचेगी। परमात्मा के यहां देर हो सकती है पर अंधेर नहीं।