भरतपुर की पॉक्सो कोर्ट संख्या दो ने एक नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को 20 साल की सजा और 37 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। तीन आरोपी नाबालिग को स्कूल से घर जाते समय अगवाकर गाड़ी में डालकर ले गए थे। जब नाबालिग घर नहीं पहुंची तो उसके परिजन नाबालिग को ढूंढते हुए स्कूल पहुंचे। रास्ते में नाबालिग का स्कूल बैग पड़ा मिला, लेकिन नाबालिग का कुछ पता नहीं लगा।
घटना 20 जनवरी 2022 की है, नाबालिग के पिता ने 21 जनवरी को कुम्हेर थाने में मामला दर्ज करवाते हुए बताया था कि रोजाना की तरह उनकी 13 साल की बच्ची स्कूल गई थी। सुबह 11 बजे उसकी छुट्टी हो गई, लेकिन वह घर नहीं आई। उसके बाद नाबालिग के पिता उसे ढूंढते हुए स्कूल गए। स्कूल के पास नाबालिग का बैग पड़ा मिला। उन्होंने बच्ची के बारे में स्कूल में पूछा, गांव में ढूंढा, तो पता लगा की लड़की को लक्ष्मी चंद अपने दो साथियों के साथ किडनैप कर ले गया है। फिर लड़की के पिता ने कुम्हेर थाने में लक्ष्मी चंद और उसके दो साथियों के खिलाफ किडनैपिंग का मामला दर्ज करवाया।
नाबालिग लड़की 30 जनवरी 2022 को तेलंगाना के सिकंदराबाद में मिली थी...
पुलिस ने मामला दर्ज कर लड़की की तलाश की। नाबालिग लड़की 30 जनवरी को तेलंगाना के सिकंदराबाद में मिली, लेकिन लक्ष्मी चंद फरार हो गया। तब नाबालिग ने बताया कि स्कूल से घर आते समय लक्ष्मीचंद ने अपने साथियों के साथ उसका किडनैप किया और लक्ष्मीचंद ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने छह फ़रवरी को लक्ष्मीचंद को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद बुधवार को पॉक्सो कोर्ट संख्या-2 लक्ष्मीचंद को 20 साल की सजा और 37 हजार रुपये जुर्माना लगाया।