बाड़मेर जिले के गिरल लिग्नाइट माइंस क्षेत्र में चल रहे श्रमिक आंदोलन को लेकर मंगलवार को शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी के नेतृत्व में विशाल जनसभा आयोजित की गई। इस जनसभा में बड़ी संख्या में श्रमिकों और युवाओं ने हिस्सा लिया। सभा के बाद आंदोलनकारियों ने विधायक रविन्द्र सिंह भाटी के नेतृत्व में जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय की ओर कूच किया।
पुलिस ने रास्ते में लगाया बैरिकेड, फिर भी पैदल पहुंचे भाटी
विधायक रविन्द्र सिंह भाटी के कूच को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर कलेक्ट्रेट कार्यालय से करीब एक किलोमीटर पहले ही सड़क पर बसें और बैरिकेड्स लगाकर रास्ता रोक दिया। इसके बावजूद विधायक भाटी अपने समर्थकों के साथ पैदल ही कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ गए। इस दौरान समर्थकों ने विधायक भाटी को कंधों पर उठाकर आगे बढ़ाया। शाम करीब पांच बजे वे कलेक्ट्रेट पहुंच गए।
कलेक्ट्रेट पहुंचने पर आत्मदाह की कोशिश से मचा हड़कंप
कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद अचानक विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने एक ज्वलनशील पदार्थ की बोतल निकालकर खुद पर उड़ेलने का प्रयास किया। यह देखते ही मौके पर हड़कंप मच गया। हालांकि वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और समर्थकों ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए उनके हाथ से बोतल छीन ली। इसके बाद विधायक भाटी माचिस तलाशते दिखाई दिए, लेकिन पुलिस जवानों ने उन्हें तुरंत रोक लिया और कलेक्ट्रेट कार्यालय के अंदर ले जाकर स्थिति को नियंत्रित किया।
प्रशासन के साथ चार घंटे चली लंबी बातचीत
शाम करीब पांच बजे विधायक रविन्द्र सिंह भाटी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वार्ता के लिए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। लगभग चार घंटे तक चली लंबी बातचीत के बाद रात करीब साढ़े नौ बजे वे बाहर आए। मीडिया से बातचीत में विधायक भाटी ने कहा कि प्रशासन के साथ विस्तृत चर्चा हुई, लेकिन कोई ठोस और सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया।
40 दिनों से धरने पर बैठे मजदूरों की नहीं हो रही सुनवाई
विधायक भाटी ने कहा कि पिछले 40 दिनों से मजदूर धरने पर बैठे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं की सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने सरकार और प्रशासन पर श्रमिकों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि करीब 50 डिग्री तापमान में मजदूर धरना देने को मजबूर हैं, जो बेहद पीड़ादायक स्थिति है। विधायक भाटी ने कहा कि वे मजदूरों की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेंगे और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहेंगे।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
आत्मदाह जैसे कदम उठाने के सवाल पर विधायक भाटी ने कहा कि लंबे समय से बेरोजगार और परेशान मजदूरों की स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए मजदूरों से बात करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर सरकार किस दबाव में है। विधायक भाटी ने कहा कि अगर सरकार और प्रशासन ने समय रहते मजदूरों की बात सुनी होती तो आज यह स्थिति नहीं बनती।
बुधवार को फिर होगी वार्ता, आंदोलन जारी रहेगा
विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने बताया कि कुछ मुद्दों पर सहमति बनी है, जबकि अन्य विषयों पर बुधवार को फिर से वार्ता होगी। उन्होंने साफ कहा कि गिरल में आंदोलन और धरना लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जब तक मजदूरों की मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा।
कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल रहा तैनात
विधायक भाटी के कलेक्ट्रेट पहुंचने को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई थी।