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IMD Alert Rajasthan: राजस्थान में लू का लंबा दौर, 18 जिलों में जारी किया गया अलर्ट

Wed, 20 May 2026 07:08 AM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान में भीषण गर्मी और हीटवेव का असर लगातार बढ़ रहा है। कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग ने अगले तीन-चार दिन तक गर्मी से राहत नहीं मिलने और कई जिलों में हीटवेव जारी रहने का अलर्ट जारी किया है।

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(प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान में गर्मी अब सिर्फ दिन तक सीमित नहीं रही, बल्कि रातें भी लोगों को राहत देने के बजाय झुलसाने लगी हैं। प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 40 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है, जबकि कई शहरों में “वार्म नाइट” जैसी स्थिति बन गई है। राजधानी जयपुर में रात का तापमान 31.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो बाड़मेर और जैसलमेर जैसे रेगिस्तानी जिलों से भी ज्यादा रहा।

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मौसम विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बढ़ती गर्मी और रात के तापमान में इजाफा “अर्बन हीट आइलैंड” प्रभाव और सूखी हवाओं का संकेत है। इससे लोगों को 24 घंटे गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण होती जा रही है।

प्रदेश बना हीटवेव कॉरिडोर

उत्तर-पश्चिम राजस्थान के जिलों में हीटवेव का सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। चित्तौड़गढ़ मंगलवार को प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 46.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। श्रीगंगानगर, पिलानी, अलवर, चूरू, फलोदी और कोटा भी भीषण गर्मी और लू की चपेट में रहे।

मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिन तक पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान में हीटवेव का दौर जारी रहने की चेतावनी दी है। बुधवार के लिए दो जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 14 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।

शहरों में ‘हीट मैनेजमेंट’ शुरू

तेज गर्मी के असर को देखते हुए कई शहरों में स्थानीय प्रशासन और नगर निकायों ने अस्थायी राहत उपाय शुरू किए हैं। जयपुर जू में जानवरों के लिए कूलर और वाटर स्प्रिंकलर लगाए गए हैं। अजमेर और कोटा में नगर निगम की ओर से सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया गया, ताकि सतही तापमान कम किया जा सके।

उदयपुर, सीकर और अलवर में दोपहर के समय बाजार और सड़कें लगभग सूनी नजर आईं। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। कई जगहों पर वाटर पार्क, ठंडे पेय और छांव वाले स्थानों पर भीड़ बढ़ने लगी है।
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गर्मी के साथ बढ़ी बिजली-पानी की चिंता

लगातार बढ़ती गर्मी के कारण बिजली और पानी की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। कई शहरों में देर रात तक एसी और कूलर चलने से बिजली लोड बढ़ गया है। वहीं पेयजल संकट झेल रहे इलाकों में गर्म रातों ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर नहीं निकलने, पर्याप्त पानी पीने और हीटवेव से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।

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स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में विशेष इंतजाम के निर्देश

 हीटवेव के खतरे को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने सभी सरकारी अस्पतालों में हीटवेव प्रभावित मरीजों के उपचार और आमजन की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान मरीजों के उपचार में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाए।

अस्पतालों में हीट-स्ट्रोक बेड और कूलिंग सुविधाओं के निर्देश

खींवसर ने बताया कि राज्य स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारियों के जरिए अस्पतालों में हीटवेव प्रबंधन की व्यवस्थाओं की समीक्षा कराई गई है। सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) और प्रमुख चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अस्पतालों में हीट-स्ट्रोक मरीजों के लिए अलग बेड आरक्षित किए जाएं। इसके अलावा ORS, IV Fluids जैसी जरूरी दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता, आपातकालीन कूलिंग उपकरण और हीट स्ट्रोक किट्स की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। मरीजों और परिजनों के लिए शीतल पेयजल, छायादार प्रतीक्षालय और कूलिंग सुविधाओं के निर्देश भी दिए गए हैं।

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