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बाड़मेर मेडिकल कॉलेज: नाम पूछने से लेकर अश्लील चैट तक... रैगिंग मामले में 80 सीनियर विद्यार्थियों पर कार्रवाई

Sun, 01 Nov 2026 05:33 PM IST
प्रतीक कुमार पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर

सार

बाड़मेर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग की शिकायतों की जांच के बाद प्रशासन ने 15 छात्राओं समेत 80 सीनियर विद्यार्थियों के खिलाफ कार्रवाई की है। सात विद्यार्थियों को स्थायी रूप से हॉस्टल से बाहर कर दिया गया है। कुछ को एक से दो महीने के लिए कक्षाओं से प्रतिबंधित किया गया है, जबकि अन्य पर सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होने को लेकर रोक लगाई गई है।
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बाड़मेर मेडिकल कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बाड़मेर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने रैगिंग के मामले में 15 छात्राओं समेत 80 सीनियर विद्यार्थियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जांच समिति की सिफारिश पर कॉलेज प्रशासन ने सात विद्यार्थियों को हमेशा के लिए हॉस्टल से निकाल दिया है, जबकि अन्य के खिलाफ क्लास और सांस्कृतिक गतिविधियों से प्रतिबंध सहित कई सख्त कदम उठाए हैं।
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मोबाइल चैट की जांच के बाद कार्रवाई
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल अनूप सिंह गुर्जर ने स्पष्ट किया कि जूनियर विद्यार्थियों के साथ किसी भी तरह की शारीरिक मारपीट का मामला सामने नहीं आया है। कॉलेज प्रशासन की बनाई समिति ने शिकायतों की हर बात की जांच की और जूनियर विद्यार्थियों से बातचीत की। प्रशासन ने जूनियर और सीनियर विद्यार्थियों के मोबाइल जब्त कर उनके व्हाट्सएप चैट तथा वीडियो सामग्री की गहन पड़ताल की। इस प्रक्रिया में तीन से चार घंटे का समय लगा। जांच में मोबाइल में आपत्तिजनक और अश्लील चैट मिली।

सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री
प्रिंसिपल ने बताया कि व्हाट्सएप चैट में सीनियर विद्यार्थी जूनियर विद्यार्थियों से उनका परिचय मांग रहे थे। इसके अलावा सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री डाली गई थी और गालियां भी लिखी हुई थीं। जांच के दौरान चार ऐसे जूनियर विद्यार्थी सामने आए जिन्होंने मोबाइल नंबर उपलब्ध करवाए थे और व्हाट्सऐप ग्रुप बनाए थे, जिनमें लंबी बातचीत हुई थी। इन जूनियर विद्यार्थियों का कहना था कि सीनियर केवल नाम ही मांग रहे हैं। कॉलेज प्रशासन ने इन चारों जूनियर विद्यार्थियों के अभिभावकों को बुलाकर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की है।
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दोषियों के खिलाफ अलग-अलग कार्रवाई
प्रिंसिपल के अनुसार कुल 15 छात्राओं समेत 80 सीनियर विद्यार्थियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें से सात विद्यार्थियों को हमेशा के लिए हॉस्टल से बाहर निकाल दिया गया है और सात को सांस्कृतिक कार्यक्रमों से अलग किया गया है। कुछ विद्यार्थियों को दो महीने के लिए क्लास से अलग करने का फैसला लिया गया है।

सात विद्यार्थियों पर ये प्रतिबंध
इसके अलावा सात विद्यार्थियों को एक महीने के लिए क्लास से अलग करने, हमेशा के लिए हॉस्टल से बाहर रखने तथा एक साल तक सांस्कृतिक गतिविधियों से दूर रखने की कार्रवाई की गई है। बाकी विद्यार्थियों, जिन्होंने केवल नाम पूछे थे या जिनका नाम शिकायत में सामने आया था, उन्हें चेतावनी देकर एक साल के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होने से प्रतिबंधित किया गया है। कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोबारा शिकायत मिलने पर उन्हें हमेशा के लिए हॉस्टल से निकाल दिया जाएगा।

बाल काटने के दावों को किया खारिज
प्रिंसिपल अनूप सिंह गुर्जर ने 'व्हाइट हाउस' में जूनियर विद्यार्थियों के बाल काटने की बात को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने बताया कि व्हाइट हाउस मेडिकल कॉलेज से दो से तीन किलोमीटर दूर है। वे खुद वहां जाकर स्थिति की जानकारी लेकर आए हैं। उन्होंने बताया कि हो सकता है कई साल पहले सीनियर विद्यार्थी जूनियरों को वहां ले जाते रहे हों, लेकिन इस साल ऐसा कोई घटनाक्रम नहीं हुआ है। जूनियर विद्यार्थियों ने अपनी मर्जी से बार्बर की दुकान पर बाल कटवाए हैं और कॉलेज प्रशासन के पास इसका वीडियो भी उपलब्ध है।
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