बारां जिले में कवाई-अटरू राजमार्ग पर मंगलवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां कार और बलकर के बीच आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत में भीलवाड़ा के मांडल उप जिला चिकित्सालय में तैनात डॉक्टर दंपती और उनके दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए। पुलिस ने स्थानीय निवासियों की मदद से सभी को कार से बाहर निकाला और अटरू अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।
जन्मदिन समारोह से लौटते समय हुआ हादसा
यह दुर्घटना उस समय हुई, जब परिवार एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होकर वापस घर लौट रहा था। मूल रूप से झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ क्षेत्र के निवासी और वर्तमान में जयपुर में रह रहे डॉ. सुरेश गजराज अपनी पत्नी डॉ. शालिनी मौर्य, 11 वर्षीय बेटे स्वपनिल और चार वर्षीय बेटी निलिशा के साथ 19 सितंबर को बारां आए थे। परिवार यहां अपने साले के बच्चे के जन्मदिन समारोह में शामिल होने आया था। मंगलवार सुबह परिवार कार से जयपुर के लिए रवाना हुआ। इसी दौरान कवाई-अटरू मार्ग पर स्थित एक पेट्रोल पंप के पास उनकी कार की बलकर से आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार चारों लोग अंदर फंस गए।
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पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से निकाला
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस बल ने स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से बचाव कार्य शुरू किया और क्षतिग्रस्त कार में फंसे चारों लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस सभी को तत्काल इलाज के लिए अटरू चिकित्सालय लेकर पहुंची। हालांकि, वहां मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद चारों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दुर्घटना की सूचना मृतकों के परिजनों को दे दी है। इसके साथ ही पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों की जांच कर रही है।