बारां के अंता विधानसभा उपचुनाव के बाद छबड़ा से भाजपा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने पार्टी द्वारा की गई उपेक्षा पर नाराजगी जताई है। उनकी यह नाराजगी वायरल हो रहे एक पत्र से सामने आई है जो उन्होंने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को लिखा था। पत्र में सिंघवी ने अपना दर्द बयां किया है कि उपचुनाव के दौरान उन्हें प्रचार सूची में शामिल नहीं किया गया, जबकि उनसे कनिष्ठ दो विधायकों के नाम सूची में रखे गए थे।
विज्ञापन में फोटो न होने पर भी जताई नाराजगी
सिंघवी ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की विजय संकल्प यात्रा से पहले छपे विज्ञापन में बारां जिले के दो अन्य विधायकों के फोटो शामिल किए गए, लेकिन उनका नाम व फोटो नहीं लगाया गया। उन्होंने कहा कि इससे जिले के कार्यकर्ताओं में भी निराशा है।
पीढ़ियों से राष्ट्रवादी राजनीति से जुड़ा परिवार, सातवीं बार विधायक
पत्र में सिंघवी ने पार्टी नेतृत्व को बताया कि उनका परिवार स्वतंत्रता प्राप्ति के समय से राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़ा रहा है। मेरे पिता दिवंगत प्रेमसिंह सिंघवी 1967 में छबड़ा (बारां) विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनसंघ और 1977 में जनता पार्टी से विधायक रहे हैं। 1977 में आदरणीय भैरोंसिंह शेखावत साहब के मुख्यमंत्री बनने पर विधानसभा में सदस्यता की अनिवार्यता होने पर मेरे पिताजी ने छबड़ा सीट से त्यागपत्र दिया, जिस पर शेखावत साहब निर्वाचित हुए थे। इसी सीट से मुझे सातवीं बार चुनाव जीतने का सौभाग्य प्राप्त है। पार्टी के लगातार विश्वास से ही मैं राजस्थान विधानसभा में दूसरा सबसे वरिष्ठ विधायक हूं।
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उन्होंने आगे लिखा कि महोदय, आपके संज्ञान में लाना चाहता हूं कि पार्टी की अनवरत सेवा और समर्पण के बाद भी मेरे गृह जिले बारां की अंता सीट पर हो रहे उपचुनाव में मुझे उपेक्षा और अपमान का दंश झेलना पड़ रहा है। अंता में प्रचार के लिए पार्टी की ओर से 17 अक्तूबर, 2025 को 40 नेताओं की सूची जारी की गई। इसमें मुझे शामिल नहीं किया गया, जबकि बारां जिले के ही दो विधायक का नाम मुझसे कनिष्ठ होने के बाद भी सूची में शामिल है। स्वाभाविक तौर पर इससे मेरा मन आहत हुआ। मैंने अपनी इस मनोदशा से माननीय प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ जी को अवगत कराया है। दुर्भाग्य से इसके बाद भी मेरी उपेक्षा का क्रम नहीं थमा। पार्टी की ओर से 24 अक्तूबर 2025 को उपचुनाव के लिए चुनाव समिति घोषित की गई। इसमें मेरा नाम सदस्य के तौर पर सातवें क्रम पर शामिल किया गया, जिस पर मुझे कोई असंतोष नहीं है परन्तु समिति ने आज तक मुझसे न तो कोई संपर्क किया है और न ही कोई जिम्मेदारी देना ही उचित समझा। मुझे अपमानित करने की इंतहा तो तब हो गई, जब 06 नवंबर 2025 को अंता-मांगरोल में आयोजित माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की विजय संकल्प यात्रा का समाचार पत्रों में विज्ञापन दिया गया, इसमें बारां जिले में पार्टी के दोनों विधायकों राधेश्याम बैरवा और ललित मीणा का फोटो प्रकाशित किया गया, लेकिन मेरा नाम तक नहीं दिया गया, जिससे बारां जिले के कार्यकर्ता आहत हैं तथापि पार्टी का अनुशासित कार्यकर्ता होने से मैं अंता सीट पर भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन की विजय के लिए सम्पूर्ण ऊर्जा और उत्साह से कार्य कर रहा हूं।
निवेदन है कि इस पूरे अनपेक्षित घटनाक्रम से मेरा मन अत्यंत व्यथित है। मैं अभी तक यह समझने में असमर्थ हूं कि ऐसा षड्यंत्र किसने, क्यों और किस स्वार्थपरायणता से किया है? आग्रह है कि आप इस संपूर्ण प्रकरण पर अनुग्रहपूर्वक विमर्श करने के साथ ही मेरा मार्गदर्शन करने की कृपा करें।
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वायरल पत्र को लेकर छबड़ा विधायक सिंघवी ने क्या कहा?
इस संबंध में भाजपा के छबड़ा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी का कहना है की अंता विधानसभा उपचुनाव में जिस तरह से मेरी उपेक्षा की गई है वो मैं पत्र के माध्यम से भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को बता चुका हूं।
उपेक्षा का आरोप, समिति से भी संपर्क न होने की बात कही
17 अक्तूबर 2025 को जारी 40 नेताओं की प्रचार सूची में उनका नाम न होने पर वे आहत हुए। उन्होंने बताया कि 24 अक्तूबर को घोषित चुनाव समिति में तो उन्हें जगह दी गई, लेकिन समिति ने अब तक उनसे कोई संपर्क नहीं किया। उन्होंने इसे अपमानजनक बताया।