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Banswara: बांसवाड़ा में फर्जी रजिस्ट्री का खुलासा: लापता आदमी की जमीन बेचने वाला गिरफ्तार

सार

Banswara: बाड़मेर में एक फर्जी रजिस्ट्री का मामला सामने आया है, जिसमें लापता मालिक रामा यादव की जमीन को रामा आदिवासी ने बेच दिया। सदर थाना पुलिस ने बुजुर्ग आरोपी रामा पुत्र कानजी आदिवासी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जांच में पाया कि रजिस्ट्री फर्जी दस्तावेजों के आधार पर की गई थी। मामले की गहन जांच जारी है।
 
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सदर थाना पुलिस की ओर से गिरफ्तार आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बांसवाड़ा जिले के सदर थाना पुलिस ने एक फर्जी रजिस्ट्री मामले में कार्रवाई करते हुए एक बुजुर्ग आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामला तब उजागर हुआ जब शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच की और जमीन खरीदने वाले ने पूछताछ में असलियत उगल दी। रिपोर्ट के अनुसार, जमीन का वास्तविक मालिक लंबे समय से लापता था, जिसका लाभ उठाकर फर्जी रजिस्ट्री तैयार कर जमीन बेच दी गई।
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कैसे आया मामला सामने?
सदर थाना अधिकारी रूपसिंह ने बताया कि तलवाड़ा कस्बा निवासी विजय पुत्र अलका यादव ने शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने बताया कि तलवाड़ा पटवारी से उन्हें सूचना मिली कि उनकी शामलाती कृषि भूमि, रकबा 1.7312 हेक्टयर में से खसरा सं. 2428 (रकबा 0.1537 हेक्टयर) एवं खसरा सं. 4816/2427 (रकबा 0.2791 हेक्टयर) को रामा नामक व्यक्ति ने बांसवाड़ा निवासी दिलीप परिहार को बेच कर रजिस्ट्री करवा दी है।

खातेदार कौन थे?
विजय ने पुलिस को बताया कि इस भूमि के खातेदार उनके पिता अलका यादव और सह-खातेदार उनके चाचा रामा यादव थे। चाचा रामा करीब 30-40 साल से घर छोड़कर कहीं चले गए थे और उनकी जीवित होने की जानकारी परिवार और गांववालों को भी नहीं थी। रामा यादव ने कभी किसी से संपर्क नहीं किया। इसी कारण विजय को शक हुआ कि रजिस्ट्री फर्जी दस्तावेजों के आधार पर की गई है। रजिस्ट्री में संलग्न रामा का आधार कार्ड 27.09.2015 को जारी हुआ बताया गया है, जबकि दस्तावेज में डिटेल अपडेट की तारीख 27.01.2025 अंकित है। पुलिस का मानना है कि यह अपडेट केवल फर्जी रजिस्ट्री तैयार करने के उद्देश्य से किया गया।
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पुलिस जांच में हुआ खुलासा
जांच में सामने आया कि रामा यादव के लापता होने की जानकारी पलोडरा गांव के सुनील निनामा और गारिया निवासी बहादुर भील को थी। उन्होंने वर्षों से लापता रामा पुत्र कोदरा यादव के स्थान पर रामा पुत्र कानजी आदिवासी निवासी डोरियारेल को रामा यादव बताकर भूमि दिलीप परिहार को बेच दी। सदर थाना पुलिस ने रामा पुत्र कानजी आदिवासी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी गहनता से जांच कर रही है।
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