बांसवाड़ा जिले की घाटोल थाना पुलिस ने शादी के नाम पर लाखों रुपये की ठगी के मामले में फरार चल रहे आरोपी को गुजरात के राजकोट से गिरफ्तार किया है। आरोपी वहां एक तेल कारखाने में मजदूर बनकर काम कर रहा था। वह 16 वर्ष पूर्व चित्तौड़गढ़ जिला जेल से फरार हो गया था और फरारी के दौरान महाराष्ट्र में छिपा रहा। बाद में उसने विदेश यात्रा भी की। इस प्रकरण में पुलिस पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
दूसरी बार की शादी
पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि घाटोल निवासी मुकेश कुमार सेठिया पुत्र अशोक कुमार सेठिया ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया कि पहली पत्नी से तलाक के बाद उसने पुनर्विवाह के लिए अपने परिचित भंवरसिंह निवासी माही कॉलोनी बांसवाड़ा (मूल निवासी नीमच) के माध्यम से इंदौर निवासी सोनू सुथार से संपर्क किया। सोनू के कहने पर वह इंदौर गया, जहां उसे एक युवती दिखाई गई। युवती का परिचय इंदू सोलंकी पुत्री भजनसिंह सोलंकी निवासी खरगोन के रूप में कराया गया।
शादी के बाद तैयार कराया शपथ पत्र
मुकेश ने अपनी पहली शादी और बच्चों के बारे में जानकारी दी, जिस पर इंदू ने स्वयं को तलाकशुदा बताते हुए विवाह की इच्छा जताई। दोनों की सहमति से 17 फरवरी 2024 को इंदौर के एक मंदिर में विवाह कराया गया। इस दौरान इंदू के परिजन मंगलसिंह, राकेश सोलंकी, बहन कंचन, दलाल सोनू सुथार, भंवरसिंह तथा दिलीप जैन (घाटोल) मौजूद थे। विवाह के बाद शपथ पत्र भी तैयार कराया गया।
झाड़ू निकालने का बहाना कर फरार
रिपोर्ट के अनुसार विवाह के बाद घाटोल लौटने पर मुकेश ने दलाल सोनू को ढाई लाख रुपये तथा किराये के छह हजार रुपये अलग से दिए। 26 फरवरी 2024 को सुबह करीब 6:30 बजे इंदू झाड़ू निकालने का बहाना कर घर से बाहर गई। बाहर पहले से मौजूद मंगलसिंह और राकेश मोटरसाइकिल लेकर आए और उसे अपने साथ ले गए। बाद में घर की तलाशी लेने पर पता चला कि इंदू तीन तोला सोने की चेन और चांदी की पायजेब भी साथ ले गई। मुकेश ने साजिशपूर्वक विवाह कर ढाई लाख रुपये से अधिक की ठगी और आभूषण ले जाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
नकदी व जेवर बरामद
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच के बाद दलाल सोनू सुथार (रीवा), इंदू सोलंकी (इंदौर) तथा सोनी औसले (इंदौर) को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से ठगी की राशि और आभूषण बरामद किए गए। फरार आरोपी भंवरसिंह निवासी नीमच/बांसवाड़ा की तलाश जारी थी। घाटोल थानाधिकारी रमेश पन्नू के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मजदूर बनकर राजकोट के एक तेल कारखाने में पहुंची और वहां काम कर रहे भंवरसिंह को गिरफ्तार कर लिया।
16 साल पहले जेल से फरार
पूछताछ में भंवरसिंह ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में वह 2010 में जेल गया था। उसी वर्ष वह अपने साथी भोला सहित अन्य के साथ चित्तौड़गढ़ जिला जेल से फरार हो गया। इसके बाद वह महाराष्ट्र के अकोला में कपास के कारखाने में चार वर्ष तक कार्यरत रहा, फिर बुरहानपुर की एक मिल में काम किया।
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जांच में जुटी पुलिस
बाद में वह इंदौर आया, जहां आधार कार्ड बनवाया और भोपाल से पासपोर्ट बनवाकर दक्षिण अफ्रीका चला गया। वहां विभिन्न कार्य करने के बाद वह मंदसौर लौटा और करीब दो वर्ष तक होटल संचालित की। वर्ष 2024 में वह बांसवाड़ा आया, जहां परिचित दिलीप जैन के माध्यम से मुकेश का विवाह इंदू से कराया और एक लाख दस हजार रुपये लेकर फरार हो गया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।