प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई प्रहलाद मोदी ने महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर हो रहे विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मराठी नहीं बोलने पर किसी व्यक्ति के साथ मारपीट करना संविधान की भावना के खिलाफ है और ऐसा कृत्य किसी भी हालत में बर्दाश्त योग्य नहीं है। दरअसल, प्रहलाद मोदी मंगलवार को राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ में एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने भाजपा नेता लीला पडियार के निवास पर पत्रकारों से बातचीत की।
‘भाषाई पहचान को हिंसा में बदलना गलत’
प्रहलाद मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र में गुजराती व्यापारी पर केवल मराठी न बोल पाने के कारण हमला होना शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि यह घटना संविधान और राष्ट्र की एकता के सिद्धांतों को ठेस पहुंचाने वाली है। मोदी ने स्पष्ट कहा कि देश में कई राज्य हैं, जहां स्थानीय भाषा सभी को नहीं आती, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसी के साथ भाषा के आधार पर भेदभाव या हिंसा की जाए।
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ठाकरे बंधुओं को दी चेतावनी
भाषाई विवाद को लेकर राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए प्रहलाद मोदी ने कहा कि ये दोनों जब एक मंच पर आते हैं, तब राजनीतिक लाभ के लिए सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने से भी पीछे नहीं हटते। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे के समय दोनों एकता में थे, लेकिन अब उनके जाने के बाद इनकी विचारधारा दिशाहीन हो गई है।
निशिकांत दुबे के बयान पर भी दी प्रतिक्रिया
जब उनसे भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के जवाबी बयान के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि दुबे का बयान भी संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। लेकिन जिस तरह पत्थर फेंका गया, उसी रूप में जवाब दिया गया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राज ठाकरे जैसे नेताओं को अब समझना चाहिए कि उन्हें भारत के संविधान के साथ और भारतीयों के सम्मान के साथ चलना होगा।
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प्रहलाद मोदी ने कुशलगढ़ में रविन्द्र ध्यान आश्रम पहुंचकर महामंडलेश्वर ईश्वरानंद उत्तम स्वामी महाराज से आशीर्वाद लिया। इसके बाद भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान पूर्व पंचायतीराज मंत्री धनसिंह रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष पूंजीलाल गायरी, राजेंद्र पंचाल, राजेश कटारा, हकरू मईड़ा, नवनीत त्रिवेदी, हरिश्चंद्र कलाल और मयंक जैन समेत कई भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।