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एक्शन में बांसवाड़ा स्वास्थ्य विभाग: पांच प्रसूताओं की मौत के बाद शुरू हुआ अभियान; हजारों महिलाओं की हुई जांच

Sat, 18 Jul 2026 06:16 PM IST
बांसवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा

सार

बांसवाड़ा में हाल ही में प्रसव के बाद पांच महिलाओं की मौत के मामलों के बाद चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जिले के 84 स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष शिविर लगाकर 4,682 गर्भवती महिलाओं की जांच कराई गई।

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घाटोल ब्लॉक के चिकित्सा केंद्रों पर निरीक्षण करते सीएमएचओ - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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बांसवाड़ा जिले में बीते दिनों प्रसव के बाद पांच प्रसूताओं की मौत के मामले सामने आने के बाद चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और प्रत्येक गर्भवती महिला को सुरक्षित प्रसव की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभाग ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जिलेभर में शनिवार को विशेष महाभियान चलाया। अभियान के दौरान हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की समय रहते पहचान, विशेष स्क्रीनिंग और विशेषज्ञ परामर्श पर विशेष जोर दिया गया है।
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84 चिकित्सा संस्थानों में शिविर आयोजित किए गए
अभियान के तहत जिले के 84 चिकित्सा संस्थानों में विशेष शिविर आयोजित किए गए, जहां 4,682 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच एवं स्क्रीनिंग की गई। महिलाओं की हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर सहित अन्य आवश्यक जांचें निशुल्क कराई गईं। संभावित जटिलताओं वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार और उच्च चिकित्सा केंद्रों पर समय पर रेफर करने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचे अधिकारी
अभियान की मॉनिटरिंग के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. खुशपाल सिंह राठौड़ फील्ड में पहुंचे। उन्होंने घाटोल, खमेरा और नरवाली स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। प्रसव कक्षों की व्यवस्थाएं, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सा उपकरणों की स्थिति तथा ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ की उपस्थिति का जायजा लिया।
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हाई रिस्क पर तत्काल रेफर करें
निरीक्षण के दौरान डॉ. राठौड़ ने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक गर्भवती महिला की प्रसव पूर्व स्क्रीनिंग गंभीरता से की जाए। हाई-रिस्क मामलों की समय रहते पहचान कर बिना देरी के उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षित रैफर किया जाए, ताकि प्रसव के दौरान किसी भी प्रकार की जटिलता से बचा जा सके।

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महिलाओं को दी जरूरी जानकारी
अभियान के दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञों एवं चिकित्सा अधिकारियों ने गर्भवती महिलाओं को संतुलित पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच, प्रसव पूर्व सावधानियां तथा संस्थागत प्रसव के महत्व के बारे में जानकारी दी। साथ ही परिवार के सदस्यों को भी सुरक्षित मातृत्व के प्रति जागरूक किया गया।

 

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