सांसद राजकुमार रोत ने लोकसभा में उठाया था गंभीर सवाल
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बिहार पहले, राजस्थान दूसरे नंबर पर
हिरासत में मौत के मामले में 2025- 26 में 15 मार्च तक बिहार में 19 मौतें हुई हैं। बिहार देश में पहले नंबर व राजस्थान 18 मौतों के साथ दूसरे तथा उत्तर प्रदेश 15 मौतों के साथ तीसरे नंबर पर है। गुजरात, महाराष्ट्र और पंजाब में 14-14 मौतें हुई है। तीनों राज्य हिरासत में मौतों के मामले में चौथे नंबर पर हैं।
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24 घंटे के भीतर सूचना देना अनिवार्य
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि पुलिस और कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक हिरासत मृत्यु की सूचना 24 घंटे के भीतर देना अनिवार्य है। नियमानुसार जांच की प्रक्रिया भी तय है। हालांकि, जिलेवार जानकारी उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आने से यह आवश्यकता महसूस होती है कि निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाए, ताकि ऐसी घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।
‘यह अत्यंत संवेदनशील मुद्दा’
सांसद राजकुमार रोत ने कहा कि हिरासत में होने वाली मौतें अत्यंत संवेदनशील मुद्दा हैं और इस पर लगातार निगरानी तथा जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आंकड़े सामने आना महत्वपूर्ण है। इनके आधार पर प्रभावी कार्रवाई और सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाना और भी आवश्यक है।