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Banswara: चेक बाउंस मामले में कोर्ट ने विक्रम दर्जी को दी एक साल कैद की सजा, 4.5 लाख का जुर्माना लगाया; जानें

Mon, 17 Nov 2025 09:10 PM IST
बांसवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा

सार

Banswara News: बांसवाड़ा में चेक बाउंस मामले में अदालत ने विक्रम दर्जी को दोषी मानते हुए 4.50 लाख रुपये अर्थदंड और 1 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई। पीएमईजीपी योजना के तहत लिए गए ऋण के भुगतान से आरोपी के बचने को कोर्ट ने जानबूझकर प्रयास माना।
 
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बांसवाड़ा कोर्ट ने विक्रम दर्जी को सुनाई एक साल की कैद की सजा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बांसवाड़ा में न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास जैन की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने राजस्थान ग्रामीण बैंक, शाखा गनौडा बनाम विक्रम दर्जी पुत्र प्रभुलाल प्रकरण में आरोपी विक्रम दर्जी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। अदालत ने उसे 4 लाख 50 हजार रुपये के अर्थदंड के साथ 1 वर्ष के साधारण कारावास की सजा दी।

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PMEGP योजना के तहत ऋण का चेक बाउंस होने पर दाखिल हुआ परिवाद
मामले के अनुसार बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (राजस्थान ग्रामीण बैंक) शाखा गनोडा के वर्तमान शाखा प्रबंधक अमित मीणा ने धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 के तहत परिवाद दायर किया था। परिवाद में बताया गया कि अभियुक्त विक्रम दर्जी ने वर्ष 2020 में पीएमईजीपी स्कीम के तहत सिलाई एवं रेडीमेड व्यवसाय के लिए 4,02,301 रुपये का ऋण लिया था। ऋण बकाया चुकाने के लिए विक्रम ने बैंक को 3,90,778.84 रुपये का अकाउंट पेयी चेक 13 मार्च 2023 को सौंपा, लेकिन प्रस्तुत किए जाने पर चेक अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस होकर लौट आया।

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नोटिस के बाद भी भुगतान नहीं, अदालत ने माना जानबूझकर बचने का प्रयास
ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक परमेश्वर गुप्ता के अनुसार, बैंक ने आरोपी को रजिस्टर्ड नोटिस भेजा, लेकिन इसके बावजूद उसने भुगतान नहीं किया। कोर्ट ने माना कि आरोपी ने स्पष्ट रूप से भुगतान से बचने का प्रयास किया। सुनवाई के बाद अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए चेक राशि के बराबर अर्थदंड और 1 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में बैंक की ओर से अधिवक्ता सतीश जैन ने पैरवी की, जबकि कानूनी सेल से चंदन पूर्बे और रिकवरी सेल से हितेश उपस्थित रहे।

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