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Balotra News: राष्ट्रीय पक्षी का जहरीले दानों से हो रहा था शिकार, वन विभाग ने 40 घंटे में आरोपी को पकड़ा

Sun, 07 Dec 2025 11:22 PM IST
बालोतरा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतरा

सार

Balotra News: बालोतरा के देवपुरा गांव में जहरीले दानों से मोरों के शिकार का मामला सामने आने पर वन विभाग ने 40 घंटे में आरोपी आदतन शिकारी को गिरफ्तार किया। दो मृत मोर बरामद हुए, जबकि एक घायल मोर का उपचार जारी है और उसकी हालत में सुधार हो रहा है।
 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान के बालोतरा जिले में राष्ट्रीय पक्षी मोर के अवैध शिकार की सूचना मिलते ही सिवाना वन विभाग ने संवेदनशीलता और तेज कार्रवाई का परिचय देते हुए बड़ी सफलता हासिल की। विभाग की टीम ने 40 घंटे की निरंतर खोज के बाद आरोपी शिकारी को गिरफ्तार किया। साथ ही शिकार किए गए मोरों की बरामदगी की गई और एक घायल मोर को उपचार उपलब्ध करवाकर उसका जीवन भी बचाया गया।

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किसान की सतर्कता से खुला मामला
ग्राम पंचायत धारणा सरहद के देवपुरा गांव के किसान श्रवणकुमार पुत्र नवाराम माली ने क्षेत्र में मोरों की संदिग्ध मौतों को देखते हुए तुरंत वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही क्षेत्रीय वन अधिकारी उमरावसिंह चंपावत अपनी टीम के साथ मौके के लिए रवाना हुए।
 
घटनास्थल पर दो मृत मोर और जहरीले गेहूं मिले
टीम के पहुंचते ही स्थिति स्पष्ट हो गई। वहां दो मृत मोर मिले और आसपास फैले जहरीले गेहूं के दाने भी बरामद हुए। इससे पुष्टि हुई कि मोरों को मारने के उद्देश्य से खाद्य सामग्री में जहर मिलाया गया था। वन कर्मियों ने घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए साक्ष्य जुटाए और आरोपी की तलाश शुरू की।
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मिशन जैसी तलाश और आरोपी की गिरफ्तारी
वन विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए करीब 40 घंटे तक लगातार खोज अभियान चलाया। तकनीकी साक्ष्यों और मानव स्रोतों के आधार पर टीम मिठौड़ा सरहद के पास उड़ेलनगर मार्ग स्थित एक ढाणी तक पहुंची। यहां दबिश के दौरान खीमाराम पुत्र गणेशाराम भील, निवासी मिठौड़ा को मौके से ही दस्तयाब कर लिया गया। शुरुआती पूछताछ में उसने जहरीले दानों से मोरों को मारने की बात स्वीकार की। विभागीय रिकॉर्ड में यह भी सामने आया कि वह आदतन शिकारी है और उसके खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तीन मामले पहले से दर्ज हैं।

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घायल पक्षी को ऐसे बचाया
पशु चिकित्सकों की टीम ने दोनों मृत मोरों का पोस्टमार्टम किया, जिसके बाद वन विभाग ने उन्हें प्रोटोकॉल के अनुसार अंतिम संस्कार दिया। वहीं घटनास्थल से मिला एक घायल मोर तुरंत पशु चिकित्सालय भेजा गया, जहां उसका उपचार जारी है और उसकी हालत में तेजी से सुधार हो रहा है।
 
वन विभाग ने कड़ा संदेश दिया
क्षेत्रीय वन अधिकारी उमरावसिंह चंपावत ने कहा कि राष्ट्रीय पक्षी का शिकार न केवल अमानवीय है, बल्कि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत गंभीर अपराध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही ग्रामीणों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वन्य जीव शिकार की सूचना तुरंत विभाग को दें।
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