बालोतरा जिले के पचपदरा क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से ठीक एक दिन पहले सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। इस घटना ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। वीवीआईपी कार्यक्रम की सुरक्षा में चूक को बेहद गंभीर मानते हुए पचपदरा थानाधिकारी (एसएचओ) अचलाराम ढाका को निलंबित कर दिया गया है।
कैसे हुई सुरक्षा में चूक?
जानकारी के अनुसार, 20 अप्रैल की शाम करीब 7 बजे एक युवक सुरक्षा घेरा तोड़कर सभा स्थल के ‘डी’ एरिया से होते हुए सीधे वीवीआईपी मंच तक पहुंच गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि युवक न केवल मंच पर चढ़ गया, बल्कि वहां खड़े होकर वीडियो भी बनाया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। यह घटना उस समय हुई जब अगले दिन 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का HPCL रिफाइनरी लोकार्पण कार्यक्रम प्रस्तावित था और पूरे इलाके में हाई अलर्ट के तहत सुरक्षा व्यवस्था लागू थी।
जिम्मेदारी के बावजूद कैसे हुई चूक?
इस कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था में RAC (राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी) की 14वीं बटालियन की “जी” कंपनी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त ड्यूटी लगाई गई थी। विशेष रूप से मंच और ‘डी’ एरिया की सुरक्षा की जिम्मेदारी एसएचओ अचलाराम ढाका के अधीन थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तैनात सुरक्षा कर्मी युवक को रोकने में पूरी तरह विफल रहे, जिसके चलते वह बिना किसी बाधा के वीवीआईपी मंच तक पहुंच गया। यह चूक सुरक्षा प्रोटोकॉल की गंभीर अनदेखी मानी जा रही है।
प्रशासन ने लिया सख्त एक्शन
मामले को गंभीरता से लेते हुए जोधपुर रेंज के आईजी ने तत्काल प्रभाव से एसएचओ अचलाराम ढाका को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। साथ ही RAC की 14वीं बटालियन के कमांडेंट को पत्र लिखकर ड्यूटी में तैनात जवानों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
पीएम दौरा भी हुआ रद्द
गौरतलब है कि 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पचपदरा रिफाइनरी में लोकार्पण कार्यक्रम प्रस्तावित था। इसके लिए भव्य सभा स्थल तैयार किया गया था। हालांकि करीब 21 घंटे पहले रिफाइनरी की एक यूनिट में आग लगने की घटना के बाद प्रधानमंत्री का यह दौरा रद्द कर दिया गया था।
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बड़ा सवाल: सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जब प्रधानमंत्री स्तर के कार्यक्रम के लिए इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की जाती है, तब एक सामान्य युवक का सुरक्षा घेरा तोड़कर वीवीआईपी मंच तक पहुंच जाना गंभीर चिंता का विषय है। अब देखना होगा कि जांच के बाद और किन अधिकारियों या कर्मचारियों पर कार्रवाई होती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।