बजरंग दल कार्यकर्ता राजू परमार।
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उदयपुर में बजरंग दल के कार्यकर्ता राजू परमार की सोमवार रात करीब आठ बजे सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद अंबामाता थाना पुलिस पहुंची मौके पर पहुंची। तब तक स्थानीय लोग उसे एमबी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। दो बदमाशों ने उसे दुकान के बाहर बुलाकर फायरिंग की। लोग उसे नजदीक के एमबी में ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बजरंग दल का पूर्व जिला संयोजक रहा है राजू परमार
राजू उर्फ राजेन्द्र परमार ( 38 वर्ष) बजरंग दल में पूर्व जिला संयोजक रहा है। वह प्रॉपर्टी डीलिंग का बिजनेस करता था। जिसके कारण कई लोगों से उसका विवाद भी चल रहा था। वारदात की सूचना पर बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता, एएसपी चंद्रशील ठाकुर समेत कई पुलिस अधिकारी हॉस्पिटल पहुंच गए।
सीसीटीवी में दो युवक भागते नज़र आए
राजू परमार को गोली मारने वाले हत्यारे कौन थे, हत्या के क्या कारण रहे, ये अब तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने आसपास की दुकानों के सीसीटीवी वीडियो चेक किए हैं। वीडियो में दो युवक पैदल ही उस समय भागते नजर आ रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि इन युवकों ने ही राजू को गोली मारी है।
पैदल ही आए बदमाश और नज़दीक से सिर में गोली मारी
पुलिस को जानकारी मिली है कि गोली मारने वाले बदमाश वहां पैदल ही परमार के पास आए थे। दोनों ने नजदीक से उसके सिर में दो गोली मारी। इस दौरान पास में ही किसी की बिंदौरी के ढोल बज रहे थे, जिस कारण लोग गोली की आवाज नहीं सुन सके। थोड़ी देर बाद उधर से गुजर रहे लोगों को परमार सड़क पर अचेत मिला।
फायरिंग या हमला होने का पहले से था आभास
राजू परमार गाय और गोवंश बचाने के काम में काफी सक्रिय था। साथ ही हिंदू संगठन के सक्रिय कार्यकर्ता और पूर्व पदाधिकारी के रूप में उसकी पहचान थी। राजू को अपने ऊपर फायरिंग होने का आभास पहले से था। वह पिछले कुछ दिनों से घर से बाहर कहीं भी अकेला निकलने से परहेज कर रहा था।
जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर पर शक
सेंट्रल जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर दिलीप नाथ के साथ भी राजू का कालीवास गांव में जमीन का विवाद चल रहा था। ऐसी चर्चाएं हैं कि दिलीप नाथ ने अपने गुर्गों के ज़रिए यह हत्या करवाई होगी। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और हुलिए के आधार पर हमलावरों की तलाश में जुटी है।