राजस्थान के बाड़मेर जिले बाबा रामदेव पर धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में केस दर्ज कर किया गया था। केस दर्ज कराने वाले शक्ख ने एफआईआर में आरोप लगाया था कि बाबा रामदेव के बयान से हमारी भावनाएं आहत हुईं हैं, लेकिन अब इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है। केस दर्ज कराने वाले शख्स का कहना है कि बाबा के ऊपर दर्ज कराए केस की उसे कोई जानकारी नहीं है। उसने किसी तरह का केस दर्ज नहीं कराया है, एक वकील ने धोखे से उसके नाम का उपयोग कर एफआईआर कर दी है।
दरअसल, तीन फरवरी को योग गुरु स्वामी रामदेव ने बाड़मेर में एक धार्मिक कार्यक्रम में मुसलमानों और ईसाइयों को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि मुसलमान सुबह की नमाज पढ़ते हैं। उसके बाद उनसे पूछो कि तुम्हारा धर्म क्या कहता है? बस पांच बार नमाज पढ़ो, उसके बाद मन में जो आए, वो करो। हिंदुओं की लड़कियों को उठाओ और जो भी पाप करना है, वो करो। मुस्लिम समाज के बहुत से लोग ऐसा करते हैं, लेकिन नमाज जरूर पढ़ते हैं। आतंकवादी और अपराधी बनकर खड़े हो जाते हैं, लेकिन नमाज जरूर पढ़ते हैं। वो इस्लाम का मतलब ही नमाज समझते हैं। यही सिखाया जाता है, लेकिन हिंदू धर्म में ऐसा नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बाबा रामदेव के इस बयान को लेकर बाड़मेर में रहने वाले पिटाई खान ने केस दर्ज कराया था। लेकिन, रविवार को मीडिया से बात करते हुई पिटाई खान ने इससे साफ इनकार कर दिया। उसने कहा कि वकील ने मुझे फंसाया है। मेरा एक जमीन विवाद चल रहा है, इसे लेकर उसने वकील से बात की थी। जिसके बाद उसने उसके हस्थाक्षर कराकर बाबा के खिलाफ केस दर्ज करा दिया। युवक ने कहा कि वह इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहता है।