जयपुर के शिक्षा संकुल में शिक्षा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला के मुख्य आतिथ्य और शिक्षा राज्य मंत्री जाहिदा खान की अध्यक्षता में हुए इस राज्य स्तरीय वर्चुअल कार्यक्रम में सभी 33 जिलों से राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए चयनित एक-एक एसएमसी और एसडीएमसी के नामों की घोषणा की गई। इन समितियों में से प्रत्येक को एक-एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। समितियों के खातों में कुल 66 लाख रुपये की राशि का हस्तांतरण ऑनलाइन किया जा रहा है।
आगामी 25 साल का मास्टर प्लान बनाएं- शिक्षा मंत्री
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने कहा कि प्रदेश के स्कूलों के विकास और बढ़ोतरी एसएमसी और एसडीएमसी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना से नवाचारों की संवाहक बनें। विद्यालयों में एसएमसी-एसडीएमसी की स्थापना और सर्वश्रेष्ठ समितियों को राज्य स्तर पर पुरस्कृत करने की योजना इसी परिकल्पना पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि समिति के सदस्यों से अपील की कि वे विद्यालय विकास से सम्बंधित चारदीवारी, कक्षा-कक्ष, लैब, वाचनालय निर्माण जैसे विस्तार कार्यों के लिए आगामी 25 सालों का मास्टर प्लान बनाएं और शैक्षिक विकास से सम्बंधित सभी गतिविधियों का प्रभावी सुपरविजन भी करें।
डॉ. कल्ला ने प्रदेश की शैक्षिक प्रगति में विद्यालय समितियों, शिक्षकों और अधिकारियों के योगदान की सराहना करते हुए शिक्षा में सतत गुणात्मक सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा के पाठयक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाए, जिससे यहां से शिक्षित विद्यार्थी दुनियां के किसी भी कोने में अपने क्षेत्र में अलग पहचान बनाने में कामयाब हो।
इंटरनेशनल एक्सपोजर विजिट की भी प्लानिंग की जाए-शिक्षा राज्यमंत्री
शिक्षा राज्य मंत्री जाहिदा खान ने विद्यालयों के विकास में एसएमसी - एसडीएमसी की महत्त्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि विभाग के तहत इंटरनेशनल एक्सपोजर विजिट की भी प्लानिंग की जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने शिक्षा विभाग में बाल-गोपाल योजना के तहत बच्चों को 2 दिन के बजाय पूरे सप्ताह दूध पिलाने, अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की स्थापना और नो बैग डे जैसी योजनाओं और नवाचारों को लागू किया है।
विभाग के अधिकारी अभिभावकों और ग्रामवासियों की सक्रिय भागीदारी से इनको आगे बढ़ाए। उन्होंने सर्वश्रेष्ठ चयनित समितियों को बधाई देते हुए भविष्य में इस प्रकार के कार्यक्रमों को वर्चुअल के स्थान पर फिजिकल रूप में आयोजित करने की आवश्यकता भी जताई।