ऐसा इसलिए है, क्योंकि कांग्रेस में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट सीएम पद के बड़े दावेदार हैं। वहीं, भाजपा में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, दीया कुमारी समेत कई ऐसे बड़े नाम हैं जो मुख्यमंत्री पद के दावेदार बताए जा रहे हैं।
उधर, राजस्थान के पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश
की बात करें तो वहां भी ऐसे ही हालात नजर आ रहे हैं। हालांकि, कांग्रेस में सीएम पद के दावेदार कमलनाथ ही बताए जा रहे हैं। लेकिन, भाजपा ने कई दिग्गज नेताओं को चुनाव में प्रत्याशी बनाया है। वहीं, शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री बनाने की बात भाजपा खुलकर नहीं कह रही है। ऐसे में यहां भी सीएम फेस को लेकर मामला फंसता नजर आ रहा है। इस सियासत के बीच आइए जानते हैं मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्री को कितनी सैलरी मिलती है और उनके पास कितनी संपत्ति है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री
मंत्रियों के वेतन विधेयक 2019 के अनुसार अशोक गहलोत को बतौर सीएम 75,000 रुपये सैलरी मिलती है। विधायक के रूप में उन्हें 35000 रुपये सैलरी मिलती है। इसके अलावा सभी भत्ते मिलकर करीब 1 लाख 75 हजार रुपये वेतन मिलता है। 2021 में घोषित संपत्ति के आधार पर सीएम गहलोत की संपत्ति 6.53 करोड़ थी। इस चुनाव के लिए नामांकन भरने से पहले वे अपनी कुल संपत्ति की जानकरी भी देंगे।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री
शिवराज सिंह चौहान को सभी भत्ते मिलाकर महीने में करीब 2.55 लाख रुपये सैलरी मिलती है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 2023 में अपनी कुल संपत्ति 8.62 करोड़ रुपये बताई है। पांच साल पहले 2018 के चुनाव में उन्होंने 7.66 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति बताई थी। पांच साल में उनकी संपत्ति में करीब एक करोड़ रुपये बढ़ी है।
अलग-अगल होती है राज्यों के सीएम की सैलरी
बता दें कि देश के सभी राज्यों के सीएम की सैलरीअलग-अलग होती है। मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्री की तनखा तेलंगाना, दिल्ली समेत कई राज्यों के सीएम के कम है।